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सेहत की बात: 30 की उम्र से पहले कमजोर हो रहे हैं जोड़? दिनचर्या में शामिल करें ये अभ्यास

Fri, 30 Oct 2026 09:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आर्थराइटिस और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं केवल बढ़ती उम्र तक सीमित नहीं हैं। नियमित व्यायाम, वॉकिंग, साइकिलिंग, तैराकी और योग जैसे अभ्यास जोड़ों की गतिशीलता, मांसपेशियों की मजबूती और संपूर्ण फिटनेस बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
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हड्डियों की समस्याएं, आर्थराइटिस - फोटो : Amarujala.com/AI
हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं। कम उम्र में भी आर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द की शिकायतें देखने को मिल रही हैं। लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खराब लाइफस्टाइल इसके जोखिम को बढ़ा रहे हैं। ऐसे में नियमित योग, व्यायाम, वॉकिंग और साइकिलिंग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जोड़ों की गतिशीलता और मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने में मदद कर सकता है।

यदि हम सभी दिनचर्या में योग-व्यायाम को शामिल कर लें तो इससे संबंधित जोखिमों को कई गुना तक कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम संपूर्ण फिटनेस के लिए आवश्यक है। अध्ययनों में पाया गया है कि किसी भी उम्र में व्यायाम को शुरू करके अपने जोखिम को कम किया जा सकता है।
 
आइए जानते हैं, हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए कौन-से व्यायाम और योगासन फायदेमंद हो सकते हैं?
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हड्डियों के लिए व्यायाम - फोटो : Amarujala.com/AI
सेहत के अनुसार करें व्यायाम

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, युवा से लेकर बुजुर्ग तक सभी को दिनचर्या में व्यायाम-योग को जरूर शामिल करना चाहिए, ये आपको दीर्घकालिक रूप में हड्डियों से संबंधित समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं।
 
  • वॉकिंग, साइकिलिंग, तैराकी जैसे अभ्यास भी गठिया और हड्डियों से संबंधित समस्याओं के जोखिम को कम करने में आपके लिए मददगार हो सकते हैं।
  • इस तरह के अभ्यास गठिया वाले लोगों को डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे जैसी क्रोनिक बीमारियों को कम करने में भी मदद करते हैं।
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एरोबिक व्यायाम के फायदे - फोटो : Adobe Stock
एरोबिक व्यायाम से मिलता है लाभ

एरोबिक व्यायाम को आर्थराइटिस से बचाने में सबसे कारगर पाया गया है। इसमें तेज गति से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी और डांसिंग शामिल हैं। इस तरह की गतिविधियां मांसपेशियों और हड्डियों को स्वस्थ रखने और शरीर में रक्त संचार को बढ़ाने में काफी लाभकारी माने जाते हैं। इस तरह के अभ्यास सभी उम्र के लोग आसानी से करके कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं।
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योग-व्यायाम से लाभ - फोटो : Amarujala.com/AI
कई प्रकार के योग भी फायदेमंद

यदि आप जिम नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही कुछ प्रकार के योगासनों का अभ्यास करके भी जोड़ों-हड्डियों को स्वस्थ रख सकते हैं। 
 
  • ब्रिज पोज- सेतुबंधासन योग का अभ्यास कमर-पीठ के दर्द को कम करने के साथ पैरों के जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। 
  • वॉरियर पोज- शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों के अभ्यास के लिए इसे सबसे कारगर योगासन माना जाता है।
  • फॉरवर्ड फोल्ड, प्लैंक पोज, धनुरासन योग मुद्रा से भी लाभ मिल सकता है।

दिनचर्या में सभी लोगों को योग-व्यायाम को जरूर शामिल करना चाहिए, ये आपके संपूर्ण फिटनेस के लिए आवश्यक है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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