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सावधान: बार-बार सूखता है गला तो इन पांच बीमारियों का हो सकता है संकेत, न करें नजरअंदाज

Sat, 03 Jul 2021 08:39 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Saurabh Mayank 

डॉ. (मेजर) सौरभ मयंक  
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल 
डिग्री- एमडी (मेडिसिन) 


प्यास लगना स्वभाविक है। खासकर गर्मियों में लोगों को ज्यादा प्यास लगती है, क्योंकि इस मौसम में पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। वैसे तो इंसान को प्यास हमेशा लगती है, चाहे कोई भी मौसम हो, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने या तरल पदार्थ लेने की जरूरत होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर में पानी की कमी से कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए हर साल इसकी कमी को पूरा करना जरूरी होता है। कई बार लोग ज्यादा मेहनत कर लेते हैं या मसालेदार खाना खा लेते हैं, तो भी अधिक प्यास लगने लगती है, लेकिन अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं और फिर भी आपको बार-बार प्यास लगती है और गला सूखता है, तो यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं उन पांच बीमारियों के बारे में, जिसमें बार-बार गला सूखने की समस्या हो सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डायबिटीज 
  • डायबिटीज में गला सूखने और बार-बार प्यास लगने की समस्या इसके सबसे आम लक्षणों में से एक है। दरअसल, इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को बार-बार पेशाब आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इस स्थिति में प्यास बढ़ती है और हमेशा गला सूखा हुआ सा महसूस होता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एनीमिया 
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण नहीं हो पाता है, तो एनीमिया की समस्या हो सकती है। बार-बार प्यास लगना और गला सूखना इसका एक लक्षण हो सकता है। कमजोरी, अधिक थकान महसूस होना, चक्कर आना, हाथ और पैर में ठंड लगना और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी एनीमिया के लक्षणों में शामिल हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
हाइपरकैल्सीमिया  
  • शरीर में कैल्शियम की अधिकता को हाइपरकैल्सीमिया कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खून में कैल्शियम का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार पेशाब लगता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है और गला सूखा हुआ सा महसूस होता है। मिचली, थकान, उल्टी महसूस होना, लगातार पेट में दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द भी इसके लक्षण हो सकते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ड्राई माउथ 
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि जब सलाइवा ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में सलाइवा का उत्पादन नहीं कर पाता है और मुंह सही से गीला नहीं हो पाता है, तो ड्राई माउथ की समस्या हो सकती है। इसलकी वजह से गला हमेशा सूखा हुआ सा महसूस होता है और बार-बार प्यास लगती है। इस स्थिति में लोगों के होठ भी फट जाते हैं और कभी-कभी खाना निगलने में भी परेशानी होती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
पॉलिडिप्सिया 
  • पॉलिडिप्सिया एक ऐसी समस्या है, जिसमें व्यक्ति हर वक्त प्यासा महसूस करता है, जबकि वह बार-बार पानी भी पीता रहता है। अधिक प्यास लगने की वजह से इसमें मुंह सूखने की समस्या हो सकती है। इसके अन्य लक्षणों में कम मात्रा में पेशाब जाना, मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, थकान, चक्कर आना, आदि शामिल हैं। 
नोट: डॉ. (मेजर) सौरभ मयंक ने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से एमडी (मेडिसिन) पूरा किया है। इसके अलावा उन्होंने 2डी इकोकार्डियोग्राफी में फेलोशिप भी पूरी की है। डॉ. सौरभ को मेदांता अस्पताल, लखनऊ में काम करने का पूर्व अनुभव है। उन्हें क्रिटिकल केयर, इंटरनल मेडिसिन और डायबेटोलॉजी में दक्षता हासिल है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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