रक्त का थक्का बनना कोविड रोगियों के लिए खतरनाक (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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क्या कहते हैं शोधकर्ता?
वैज्ञानिक बताते हैं, कोरोना से ठीक होने के बाद कुछ समय में इंफ्लामेशन मार्कर तो सामान्य स्थिति में आ जा रहे हैं, लेकिन रोगियों में रक्त के थक्का बनने की स्थिति अब भी बनी देखी जा रही है। अध्ययन के प्रमुख लेखक हेलेन फोगार्टी कहते हैं, संक्रमण से ठीक होने के बाद इंफ्लामेशन मार्कर तो कम हो जाते हैं, लेकिन ज्यादातर रोगियों में ब्लड क्लॉटिंग मार्कर लंबे समय देखे जा रहे हैं, इस आधार पर हमारे नतीजे बताते हैं कि ब्लड क्लॉटिंग सिस्टम को लॉन्ग कोविड के मुख्य कारक के रूप में देखा जा सकता है। किसी बीमारी के प्रभावी उपचार के लिए उसके मूल कारण को समझना बेहद आवश्यक है।