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गर्भाशय से जुड़ी इस खतरनाक बीमारी को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज, जानें कारण, लक्षण और उपचार

Mon, 16 Sep 2019 04:36 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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कैंसर का रोग महामारी के रूप में फैल रहा है। इसमें भी गर्भाशय का कैंसर चौथे नंबर है जो महिलाओं को होने वाली खतरनाक बीमारी है। हर साल इस बीमारी के कारण करीब पांच लाख से भी ज्यादा महिलाएं प्रभावित होती हैं। इस बीमारी का कारण है ह्यूमन पैपिलोमा वायरस। आइए जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और उपचार।

 
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- फोटो : social media
गर्भाशय का कैंसर होने के कारण
एक शोध में पता चला है कि बहुत सी महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का इलाज कराने में लापरवाही करती हैं जो कि जानलेवा बन सकता है। गर्भाशय का कैंसर होने का कारण कोशिकाओं की अनियमित वृद्धि है। गर्भपात होने से बचाने वाली दवाएं भी सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।

 
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- फोटो : pixa
गर्भाशय का कैंसर होने के लक्षण
किसी महिला को गर्भाशय का कैंसर होने पर योनि से असामान्य रक्तस्त्राव होने लगता है। इसके अलावा माहवारी के समय टैंपून लगाते समय भी रक्त का असामान्य स्त्राव होता है और साथ ही अगर योनि में दर्द, कमर में और पैरों में दर्द महसूस होना, थकान, वजन में कमी, भूख न लगना भी शामिल है, तो यह इस बीमारी के खतरनाक लक्षणों में से एक है।

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- फोटो : pixa
गर्भाशय के कैंसर का इलाज
हर कैंसर की तरह इसका भी शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इलाज संभव है। इसलिए महिलाओं को योनि में होने वाली किसी तरह की परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कोई भी ऊपर बताए गए लक्षण दिखे तो तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। कैंसर का इलाज शुरु कराने के बाद हर तीन साल बाद पैप स्मीयर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। साथ ही एचपीवी वायरस से बचाव के लिए टीके भी नियम से लगवाने चाहिए। 

 
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- फोटो : pixa
कैसे करें बचाव
महिलाओं को किसी भी तरह की बीमारी से बच के रहना है तो हमेशा स्वास्थ्यवर्धक खाना खाना चाहिए। साथ ही व्यायाम करना चाहिए और धूम्रपान से परहेज जरूर है।
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