फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diabetes: डायबिटीज के मरीजों को साल में एक बार जरूर कराने चाहिए ये पांच टेस्ट, डॉक्टर ने दिया सुझाव

Mon, 23 Feb 2026 12:44 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Annual Medical Checkup For Sugar Patients : डायबिटीज एक ऐसी समस्या है जिसकी वजह से शरीर में अन्य कई बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में हर डायबिटीज के मरीजों को साल में एक बार कुछ ब्लड टेस्ट जरूर कराना चाहिए। आइए डॉक्टर से जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
Diabetes Management Tips 2026: हमारे देश की एक बड़ी आबादी डायबिटीज की समस्या से परेशान है। आंकड़ों के मुताबिक देश में लगभग 10 करोड़ अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जबकि 13 करोड़ लोग 'प्री-डायबिटीज' की श्रेणी में हैं। अक्सर लोग प्री-डायबिटीज के लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक बढ़ा हुआ शुगर शरीर के आंतरिक अंगों को धीरे-धीरे डैमेज करता रहता है।

इसी विषय पर फेमस डॉ. शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण वीडियो साझा कर मरीजों को कुछ सुझाव दिया है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा है कि चाहे आपकी डायबिटीज रिवर्स हो गई हो, आप दवा ले रहे हों या अभी दवाई शुरू न की हो, शरीर में होने वाले 'साइलेंट डैमेज' और जटिलताओं को ट्रैक करना बहुत जरूरी है। डॉक्टर के अनुसार हर डायबिटीज मरीज को साल में कम से कम एक बार पांच विशेष मेडिकल टेस्ट जरूर कराने चाहिए ताकि हार्ट अटैक, किडनी फेलियर और अंधेपन जैसे गंभीर खतरों से बचा जा सके।
 
विज्ञापन

2 of 5
खून कूी जांच - फोटो : Freepik.com
HbA1c टेस्ट
डायबिटीज प्रबंधन में सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट HbA1c है। डॉ. शालिनी के अनुसार, यह टेस्ट आपकी पिछले 90 दिनों की औसत ब्लड शुगर हिस्ट्री बताता है। प्रतिदिन की शुगर जांच में उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन HbA1c दीर्घकालिक नियंत्रण की सटीक डेटा बताता है। एक स्वस्थ डायबिटीज मरीज के लिए इसका टारगेट 7% के आसपास होना चाहिए। अगर यह स्तर लगातार इससे अधिक रहता है, तो यह भविष्य में महत्वपूर्ण अंगों प्रभावित कर सकता है।

ये भी पढ़ें- Cancer: बिना कोशिश के कम हो रहा वजन, कहीं ये कैंसर का संकेत तो नहीं? जान लीजिए सच्चाई
विज्ञापन

3 of 5
डायबिटीज - फोटो : Adobe Stock
खाली पेट और भोजन के बाद शुगर की जांच
इसके बाद आप फास्टिंग और पोस्ट मील शुगर की भी जांच कराएं। खाली पेट टेस्ट यह बताता है कि रात भर आपके शरीर ने शुगर को कैसे नियंत्रित किया, जबकि खाने के बाद की जांच दिखाती है कि आपका शरीर भोजन के बाद होने वाले 'शुगर स्पाइक' को कैसे संभाल रहा है। ये दोनों टेस्ट दवाइयों की खुराक को सही करने और डाइट प्लान को एडजस्ट करने में डॉक्टर की मदद करते हैं, जिससे अचानक होने वाली समस्याओं को रोका जा सकता है।

ये भी पढ़ें- Health Alert: दिल ही नहीं आंखों के लिए भी नुकसानदायक है हाई कोलेस्ट्रॉल, क्या होती हैं दिक्कतें?

4 of 5
हार्ट अटैक - फोटो : Adobe Stock Photo
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
डायबिटीज के मरीजों में सामान्य लोगों की तुलना में हार्ट अटैक का जोखिम 2 से 4 गुना तक बढ़ जाता है। अधिक शुगर लेवल अक्सर धमनियों को सख्त कर देती है और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बिगाड़ देती है। डॉ. सोलंकी के मुताबिक साल में एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर कराएं। यह आपके शरीर में अच्छे और बुरे कोलेस्ट्रॉल की स्थिति स्पष्ट करता है, जिससे समय रहते हृदय रोगों के खतरे को पहचाना और कम किया जा सकता है।


विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
किडनी फेलियर की जांच - फोटो : Adobe Stock
किडनी और आंखों की जांच
डायबिटीज का सबसे बुरा असर किडनी और आंखों पर पड़ता है। किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) के जरिए शुरुआती डैमेज का पता लगाया जा सकता है। इसके साथ ही डायबिटीज रेटिनोपैथी का जोखिम भी अधिक रहता है। इसलिए आंख की जांच (विशेषकर रेटिनोपैथी के लिए) भी बहुत जरूरी है क्योंकि डायबिटिक रेटिनोपैथी बिना किसी दर्द के आती है और धीरे-धीरे आंखों की रोशनी छीन लेती है। नियमित जांच से शुरुआती चरण में ही इन अंगों के नुकसान को रोका जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें