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Cancer: बिना कोशिश के कम हो रहा वजन, कहीं ये कैंसर का संकेत तो नहीं? जान लीजिए सच्चाई

Sun, 22 Feb 2026 07:47 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसका कारण बदलती जीवनशैली, प्रदूषण, अस्वस्थ खानपान और बढ़ता तनाव है। इस बीमारी का एक महत्वपूर्ण संकेत बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन कम होना भी हो सकता है। पर कैंसर में वेट लॉस क्यों होने लगता है?
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कैंसर और वजन कम होने का संबंध - फोटो : Freepik.com
कैंसर दुनियाभर में तेजी से बढ़ती बीमारी है, जिसका खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ये वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से भी एक है, जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। भारतीय आबादी में भी कैंसर एक बड़ा जोखिम बनकर उभरती समस्या है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों की दिनचर्या, खान-पान में गड़बड़ी आ गई है, लोगों का प्रदूषण और रसायनों का संपर्क बढ़ गया है, इसने कैंसर के खतरे को काफी बढ़ा दिया है।

हाल ही में अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि आने वाले दो दशकों में कैंसर का खतरा और भी बढ़ने की आशंका है। ब्रिटेन की एक जानी-मानी चैरिटी ने चेतावनी दी है कि साल 2040 तक कैंसर के मामले रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। हालात इतने बिगड़ सकते हैं कि हर दो मिनट में एक व्यक्ति में इस बीमारी का निदान होने की आशंका है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर से बढ़ती मौतों का एक बड़ा कारण समय पर इसका पता न चल पाना है। क्या बिना किसी कारण के तेजी से वजन कम होने का मतलब भी कैंसर हो सकता है? आइए जानते हैं।
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कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने का कारण - फोटो : Freepik.com
पहले कैंसर होने के कारणों को जान लीजिए?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर का मुख्य कारण कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव यानी म्यूटेशन होना है।
 
  • धूम्रपान-तंबाकू के सेवन, प्रदूषण-रेडिएशन, अस्वस्थ भोजन और मोटापा के साथ-साथ कुछ प्रकार की आनुवंशिक स्थितियों के कारण कैंसर हो सकता है।
  • अध्ययन की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 30-40% कैंसर के मामले तंबाकू के सेवन से जुड़े होते हैं। इसके अलावा एचपीवी या हेपेटाइटिस जैसे संक्रमण भी कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन कम होना कैंसर का एक संकेत हो सकता है। हालांकि हर बार वजन कम होने का मतलब कैंसर हो, ये भी जरूरी नहीं है। कई लोग इस लक्षण को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है। पर कैंसर में वजन कम क्यों होने लगता है, आइए इसे जान लेते हैं।
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वजन कम होने का कारण - फोटो : Freepik.com
कैंसर रोगियों में क्यों होने लगता है वेट लॉस?

कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा और पोषण का अधिक उपयोग करती हैं, जिससे शरीर कमजोर होने लगता है। इसके अलावा, कैंसर से मेटाबॉलिज्म पर भी असर होता है जिसके कारण भूख कम लगती है और शरीर मांसपेशियों को तोड़कर ऊर्जा बनाने लगता है। इस वजह से भी रोगियों में तेजी से वेट लॉस होने लग जाता है।
 
  • एडवांस स्टेज में कैंसर युक्त ट्यूमर बहुत ज्यादा कैलोरी लेते हैं, जिससे शरीर अतिरिक्त ऊर्जा के लिए फैट और मसल्स को तोड़ने लग जाता है। 
  • इम्यून सिस्टम कैंसर कोशिकाओं से मुकाबले के लिए साइटोकिन्स प्रोटीन रिलीज करता है, जिससे इन्फ्लेमेशन होती है जो भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन में रुकावट डालती है। आप कम खाते हैं तो शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को ब्रेक करने लगता है।
  • कैंसर इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा कर सकता है, जिससे कोशिकाएं एनर्जी के लिए ग्लूकोज का सही इस्तेमाल नहीं कर पातीं और आपका वजन कम होने लगता है।

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वजन कम क्यों होता है? - फोटो : Freepik.com
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ एम.आर खान कहते हैं, कई मरीजों में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या दवाओं के कारण भी भूख कम लगती है। उल्टी, मतली और स्वाद में बदलाव होता है, जिससे पोषण की कमी और वजन घटने लगता है। 

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी  के अनुसार, लगभग 50-80% कैंसर मरीजों में किसी न किसी स्तर पर वजन कम होने की समस्या देखी जाती है। वजन कम होना शरीर की कमजोरी, इम्यून सिस्टम की कमजोरी और रिकवरी की क्षमता को भी प्रभावित करता है, इसलिए यह कैंसर का एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत माना जाता है।
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कैंसर से कैसे बचें? - फोटो : Adobe Stock Photo
कैंसर से कैसे बचें?

कैंसर से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाना कैंसर से बचाव का सबसे बड़ा कदम है। संतुलित और पौष्टिक आहार जैसे फल-हरी सब्जियां, साबुत अनाज और एंटीऑक्सीडेंट्स के सेवन की आदत आपको कैंसर से बचाने में मददगार हो सकती है। 
 
  • नियमित व्यायाम करना और वजन को नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मोटापा कई प्रकार के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। 
  • शराब से दूरी बनाना और प्रदूषण-रसायनों से बचाव करना भी जरूरी है।
  • नियमित हेल्थ चेकअप और कैंसर स्क्रीनिंग से बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज आसान और सफल होता है।




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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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