लॉकडाउन के कारण घरों में बच्चों की खाने-पीने, सोने से लेकर खेलने-पढ़ने की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे भले ही बता न पाएं लेकिन कोरोना काल का भय और तनाव उन में समा चुका है। इस तनाव के मारे वे पहले से ज्यादा भोजन करने लगे हैं। जिसे इमोशनल ओवरईटिंग नाम दिया गया है। विशेषज्ञों ने इससे बच्चों की सेहत और पोषण पर खतरे के आसार जताए हैं। बच्चों को इस समस्या से बचाने के लिए डॉक्टरों ने अभिभावकों से उनके खाने की आदतों पर नजर रखते हुए संतुलित आहार देने की अपील की है।