Kam Sone ke Side Effects: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते चलन के दौर लोग अक्सर नींद से समझौता कर लेते हैं। अक्सर देखने को मिलता है कि लोग अन्य गैर जरूरी चीजों पर समय देते हैं और उसके बदले में अपने सोने का समय घटा देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कम सोने से न सिर्फ थकान होता है, बल्कि शरीर में अन्य भी कई गंभीर समस्याएं होने लगती हैं। अक्सर जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो हमारे मस्तिष्क का 'ग्लाइम्फैटिक सिस्टम' शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर नहीं निकाल पाता है।
नींद के दौरान ही हमारा शरीर ऊतकों की मरम्मत करता है, हमारे यादों को संचित करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक कम सोने से हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
नींद की कमी सीधे तौर पर हमारे 'कॉग्निटिव फंक्शन' को प्रभावित करती है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता और एकाग्रता में भारी गिरावट आती है। यह समझना जरूरी है कि नींद स्वस्थ जीवन का आधार स्तंभ है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि कम सोने से सेहत पर क्या असर पड़ता है और साथ ही ये भी जानेंगे कि कम से कम कितने घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।