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विशेषज्ञ से जानिए: क्या हो अगर दोनों डोज में लग जाएं अलग-अलग टीके? 'वैक्सीन कॉकटेल' का कैसा होगा असर?

Thu, 27 May 2021 02:08 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
डॉ विक्रमजीत सिंह
डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन
आकाश हेल्थकेयर, दिल्ली
Medically Reviewed by Dr. vikramjeet Singh


कोरोना महामारी की दूसरी लहर से मुकाबले और संभावित तीसरी लहर के असर को कम करने के लिए विशेषज्ञ टीकाकरण को ही सबसे प्रभावी उपाय मान रहे हैं। देश में फिलहाल 18 साल से ऊपर के लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था की गई है, हालांकि वैक्सीन की कमी फिलहाल चिंता का विषय बनी हुई है। इस बीच देश के कुछ हिस्सों से 'वैक्सीन कॉकटेल' की खबरें सामने आ रही हैं। वैक्सीन कॉकटेल मतलब- पहली और दूसरी डोज में दो अलग-अलग टीकों का इस्तेमाल करना।
उत्तर प्रदेश के जिला सिद्धार्थनगर में ऐसे ही 20 लोगों को पहली और दूसरी खुराक में अलग-अलग वैक्सीन देने का मामला सामने आया है। आइए विशेषज्ञों से जानते हैं क्या वैक्सीन कॉकटेल नुकसानदायक है? शरीर पर इसका किस तरह से प्रभाव हो सकता है?
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कॉकटेल वैक्सीन से कम हो सकती है प्रभाविकता - फोटो : pixabay
दोनों खुराक में अलग-अलग वैक्सीन
इस विषय पर जानने के लिए हमने डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन के डॉ विक्रमजीत सिंह से बात की। डॉ विक्रमजीत बताते हैं कि भारत में बनी दोनों वैक्सीन- कोवैक्सीन और कोविशील्ड की कार्यप्रणाली अलग-अलग है, इसलिए इनका कॉकटेल वैक्सीन की प्रभाविकता को कम कर सकता है। दोनों डोज में वैक्सीन अलग-अलग होने से आपको वैक्सीन का बूस्टर डोज नहीं मिल पाता है। सामान्य तौर पर वैक्सीन की दूसरी खुराक को बूस्टर डोज माना जाता है जोकि शरीर में पहली डोज से बनी एंटीबॉडीज को और मजबूत करने के लिए दी जाती हैं।
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वैक्सीन अलग-अलग तरीकों से बनी हैं - फोटो : iStock
वैक्सीनों की संरचना
डॉ विक्रमजीत बताते हैं कि सभी वैक्सीन का 'मकैनिजम ऑफ एक्शन' अलग होता है। जैसे कोविशील्ड वैक्सीन को वायरस के प्रोटीन स्पाइक के आधार पर तैयार किया गया है, इसे वैक्टर वैक्सीन भी कहते हैं। वहीं कोवैक्सीन की डोज में कोविड के निष्क्रिय वायरस को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। ऐसे में अगर दोनों डोज में अलग-अलग वैक्सीन दी जाएं तो इससे वैक्सीन की प्रभाविकता भी कम हो सकती है।

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वैक्सीन कॉकटेल से हो सकते हैं अल्पकालिक दुष्प्रभाव - फोटो : Social media
दुष्प्रभावों की आशंका
ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि वैक्सीन कॉकटेल के कारण अल्पकालिक दुष्प्रभाव बढ़ सकते हैं। ब्रिटिश अध्ययन में, 50 वर्ष से अधिक उम्र के 830 लोगों को पहली खुराक एस्ट्राजेनेका जबकि दूसरी फाइजर वैक्सीन की दी गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने अलग-अलग वैक्सीन के डोज लिए उनमें एक ही वैक्सीन के दोनों डोज लेने वालों की तुलना में साइड-इफेक्ट्स विकसित होने की आशंका अधिक पाई गई।
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टीकाकरण जरूर कराएं - फोटो : Pixabay
वैक्सीन लगवाते समय इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को वैक्सीन लगवाने के बाद एक कार्ड दिया जाता है जिसपर उन्हें लगी वैक्सीन का नाम लिखा होता है। वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने जाते समय इस कार्ड को पास जरूर रखें। वैक्सीन सेंटर पर अधिकारी को कार्ड दिखाकर पहली डोज वाली वैक्सीन ही लगाने के लिए कहें। ऐसा करने से चूक होने की गुंजाइश कम होती है।
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कोरोना वैक्सीन को लेकर अध्ययन जारी - फोटो : iStock
जारी हैं अध्ययन
वैक्सीन के कॉकटेल से होने वाले असर को जानने कि लिए अध्ययन जारी हैं। हाल ही में 600 से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए एक नैदानिक अध्ययन में लोगों को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (कोविशील्ड) और फाइजर एमआरएनए वैक्सीन की डोज दी गई। विशेषज्ञों ने पाया कि इस तरह का संयोजन शक्तिशाली प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रदान कर सकता है। हालांकि अभी इस संबंध में और अध्ययन की आवश्यकता है।

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नोट: यह लेख  दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर में डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन के डॉ विक्रमजीत सिंह से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ विक्रमजीत को इंटरनेल मेडिसिन के क्षेत्र में 17 वर्षों का अनुभव है। इसके अलावा थायराइड, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, डेंगू और अन्य के रोगियों में महारथ हासिल है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें। 








 
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