गर्मी के मौसम की शुरुआत होते ही बाजार में आम और तरबूज की भरमार दिखने लगती है। और लोग बहुत ही चाव से खरीदते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि यह प्राकृतिक तरीके से पके हैं या केमिकल के जरिए पकाए गए हैं। इन्हें पकाने के लिए घातक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए आपको बताने जा रहे हैं कि जब भी आप फल खरीदने जाएं तो कैसे पहचाने कि फल केमिकल्स द्वारा पकाया गया है या फिर प्राकृतिक तरह से पकाया गया है।
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- फोटो : instagram
केमिकल्स द्वारा पकाए गए फलों में धब्बा और आर्टिफिशियल चमकीला रंग होता है। इसके अलावा जो आम कर्बाइड से पकाया जाता है। इसके इस्तेमाल से दो से तीन दिन के भीतर ही फल का रंग पीले से काला होने लगता है।
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कार्बाइड से पकाए फल का स्वाद बीच में मीठा होता है और किनारे से कच्चा होता है। इसलिए बगैर धब्बे वाले फल-सब्जी खरीदें।
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फलों को समय से पहले पकाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा फलों के आकार और उनका वजन बढ़ाने के लिए भी केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। फलों व सब्जियों को तरोताजा रखने, चमकाने व इन्हें ज्यादा दिन तक टिकाए रखने के लिए मोम और आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल करते हैं।
आपको बता दें कि फलों को पकाने में कार्बाइड का इस्तेमाल खाद्य संरक्षा व मानक अधिनियम-2011 की धारा 23.5 के तहत बैन है। इसका भंडारण, सेल, मार्केटिंग या इंपोर्ट करने वालों के लिए सजा का प्रावधान भी है।