इबोला के नए स्ट्रेन से लड़ने को वैक्सीन तैयार!
- फोटो : Amarujala.com/AI
कब हुई थी इसकी खोज ?
1976 में वायरस की खोज के बाद से 2014–2016 में पश्चिम अफ्रीका में हुआ इबोला वायरस रोग का प्रकोप अब तक का सबसे बड़ा और सबसे जटिल प्रकोप माना जाता है। इस दौरान जितने मामले और मौतें हुईं, वे इससे पहले हुए सभी इबोला प्रकोपों के कुल आंकड़ों से भी अधिक थीं। उस वक्त भी यह बीमारी एक देश तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीमाओं को पार करते हुए तेजी से फैली। इसकी शुरुआत गिनी से हुई और फिर यह पड़ोसी देशों सिएरा लियोन और लाइबेरिया तक पहुंच गई, जिससे पूरे क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया।
-------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।