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Study: रात में देर से भोजन यानी हृदय-मेटाबॉलिज्म रोगों को न्योता, पर शरीर को कैसे पता चलता है हम कब खा रहे?

Thu, 27 Apr 2023 01:13 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली
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रात में देर से खाने की आदत - फोटो : iStock
हम क्या, कितनी मात्रा में और कब खाते हैं, ये तीनों ही स्थितियां सीधे तौर पर सेहत को प्रभावित करती हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को भोजन की पौष्टिकता का ध्यान रखते हुए सही समय पर भोजन करने पर भी जोर देते हैं। भोजन के सही समय का सीधा असर मेटाबॉलिज्म पर होता है जो पाचन से लेकर शरीर के स्वस्थ वजन तक के लिए आवश्यक है। यदि आप भी देर से भोजन करते हैं, या फिर कई बार एक समय का भोजन नहीं कर पाते हैं, तो इस बारे में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

कई अध्ययनों में शोधकर्ता सही समय पर भोजन को लेकर लोगों को जागरूक करते रहे हैं। हालांकि लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण अधिकतर लोगों के लिए समय का सामंजस्य बैठा पाना कठिन हो सकता है। ऐसे में दिन में देर से लंच और देर रात खाने की आदत बनना भी स्वाभाविक है, पर यह सेहत के लिए किस प्रकार से नुकसानदायक हो सकती है। कैसे? आइए जानते हैं।
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सही समय पर भोजन करना जरूरी - फोटो : Pixabay
सही समय पर भोजन करना जरूरी

अनुसंधानों से पता चलता है, भले ही आप पूर दिन कम कैलोरी का लक्ष्य बनाकर चलते हैं, पर अगर भोजन का समय ठीक नहीं है तो इसके कारण भी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। हमारे भूख के लिए ग्रेलिन हार्मोंन की विशेष भूमिका होती है, यह हार्मोन आपके मस्तिष्क को संकेत देता है कि आपको भूख लगी है और खाने का समय हो गया है।

कुछ दिनों तक एक ही समय पर खाने से उसी की आदत होने लगती है और जब हमें देर से खाने की आदत हो जाती है, विशेषकर रात में, तो इसका संपूर्ण शरीर पर दुष्प्रभाव हो सकता है।
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लेट डिनर का शरीर पर असर - फोटो : istock
देर से डिनर करना नुकसानदायक

जर्नल न्यूट्रिएंट्स में जुलाई 2021 में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि रात में देर से खाना खाने से मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर दोनों पर नकारात्मक असर हो सकता है। शोधकर्ता बताते हैं, दिन में देर से खाने की आदत ब्लड ट्राइग्लिसराइड की समस्या को भी बढ़ा देती है जिसके कारण हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा खाने की आदतें सबसे पहले मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं, जिसका सीधा दुष्प्रभाव भोजन के खराब पाचन और मोटापे की स्थिति के तौर पर सामने आ सकता है।

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भोजन करने का समय करें ठीक - फोटो : istock
शरीर को कैसे पता चलता है हम देर से खा रहे हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हमारा शरीर एक प्रकार के मैक्निजम पर काम करता है जो कि सर्कैडियन सिस्टम या आंतरिक जैविक घड़ी पर निर्भर करता है। सर्केडियन सिस्टम ही कारण है कि आपका सबसे अच्छा खेल प्रदर्शन दोपहर में होता है, और रात में ही आपको बेहतर नींद आती है।

लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण यह रिदम बिगड़ जाता है। इसकी शुरुआत देर से उठने के साथ होती है, देर से उठने से हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी का समय उसी प्रकार से आगे बढ़ जाता है और सारी गतिविधियां समय से देर होने लगती हैं।
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भोजन करने का सही समय क्या है? - फोटो : Pixels
फिर खाने का सही समय क्या है?

आहार विशेषज्ञ डॉ कैरोलिन विलियम्स कहती हैं, भोजन के समय को ठीक करने के लिए जरूरी है कि हम सुबह जल्दी उठने की आदत बनाएं, जिससे हमारे भीतर की घड़ी का समय ठीक हो सके। रात का भोजन उस समय पर हो जब उसके बाद हम अगले 12-16 घंटे उपवास की स्थिति में हों। इसका मतलब है कि अगर आप अपना रात का खाना रात 8 बजे खाते हैं, तो आप अगला मील यानी सुबह का नाश्ता 8-9 के बीच ले सकते हैं।

रात के खान के बाद 12 घंटा का गैप  शरीर को हार्मोन्स और मेटाबोलिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के लिए जरूरी है। समय पर भोजन करके हम लाइफस्टाइल की कई बीमारियों के जोखिम को भी कम कर सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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