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Morning Headache: सुबह उठते ही होने लगता है सिरदर्द, कहीं ये ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर से जानिए

Mon, 11 May 2026 08:30 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Subah Sir Dard Hone Ka Karan: सुबह उठते ही सिर में तेज दर्द होना एक सामान्य समस्या लग सकती है, लेकिन कई बार यह शरीर के भीतर चल रही गंभीर गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। कहीं ये ब्रेन ट्यूमर का संकेत तो नहीं है? आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
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सिरदर्द की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी सुबह उठते ही सिर में तेज दर्द होता है, सिर फटने को होता है? अगर हां तो इसे हल्के में लेने की गलती न करें, सुबह होने वाला सिरदर्द कई बार गंभीर समस्याओं का अलर्ट भी हो सकता है।

डॉक्टर कहते हैं, नींद की गड़बड़ी, हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन, स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं में सुबह के समय सिर में दर्द होते रहना आम है। हालांकि कुछ मामलों में ये ब्रेन ट्यूमर जैसी स्थितियों का भी संकेत हो सकता है। सुबह के समय ब्लड प्रेशर और हार्मोन लेवल में बदलाव होता है, जिससे कुछ लोगों में सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है। वहीं  कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में भी सुबह सिरदर्द ज्यादा महसूस होता है।

अब सवाल ये है कि कैसे जानें कि सुबह होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं है?
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ब्रेन ट्यूमर के कारण सिर में दर्द - फोटो : Freepik.com
ब्रेन ट्यूमर के कारण सिरदर्द

अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ वेदांत प्रकाश कहते हैं, हर बार सुबह होने वाला सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर नहीं होता। 
 
  • ब्रेन ट्यूमर के मामलों में सुबह का सिरदर्द अक्सर तेज होता है और लगातार बढ़ता जाता है।
  • इसमें सामान्य पेनकिलर से राहत नहीं भी मिलती। 
  • इसके साथ मतली, नजर में बदलाव या भ्रम जैसे अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर सिरदर्द के साथ बोलने में दिक्कत, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, याददाश्त कमजोर होने, बार-बार उल्टी या बेहोशी जैसे संकेत दिखें तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। हालांकि कभी-कभी सुबह के समय होने वाले सिरदर्द को ट्यूमर का संकेत नहीं माना जाता है। ये कई बार अन्य लाइफस्टाइल की समस्याओं का लक्षण हो सकता है।
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स्लीप एप्निया की समस्या क्यों होती है? - फोटो : Adobe Stock
आपको स्लीप एपनिया की दिक्कत तो नहीं?

स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती है। इससे दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और सुबह उठते ही सिरदर्द हो सकता है।
 
  • डॉक्टर कहते हैं, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया वाले लोगों में सुबह सिरदर्द की समस्या काफी आम है।
  • रातभर ऑक्सीजन का स्तर कम होने से दिमाग की रक्त वाहिकाओं पर असर पड़ता है, जिससे सुबह सिर भारी लग सकता है।
  • मोटापा, धूम्रपान, शराब और गर्दन के आसपास ज्यादा फैट होने से इसका जोखिम बढ़ जाता है। 
  • लंबे समय तक स्लीप एपनिया रहने पर हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा हो सकता है।

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ब्लड प्रेशर के कारण सिर में दर्द होना - फोटो : Adobe Stock
हाई ब्लड प्रेशर भी हो सकता है कारण

सुबह के समय होने वाला सिरदर्द कई बार हाई ब्लड प्रेशर की वजह से भी हो सकता है। 
 
  • जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर हाई रहता है, उनमें तेज सिरदर्द की समस्या अधिक देखी जाती है।
  • अनियंत्रित ब्लड प्रेशर के कारण दिमाग की रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ाता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर से होने वाला सिरदर्द अक्सर सिर के पीछे महसूस होता है। 
  • कुछ लोगों में चक्कर, धुंधला दिखना और बेचैनी भी हो सकती है। यदि ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो स्ट्रोक का खतरा भी हो सकता है।
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सिर में दर्द क्यों होता है? - फोटो : Freepik.com
डिहाइड्रेशन-तनाव के कारण सिरदर्द

पानी कम पीना और ज्यादा तनाव लेना भी सुबह सिरदर्द के खतरे को बढ़ाने वाला माना जाता है।
 
  • रातभर शरीर कई घंटों तक बिना पानी के रहता है, जिससे सुबह डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे कई लोगों को सिर में दर्द महसूस हो सकता है।
  • वहीं तनाव की स्थिति में शरीर स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है, जिसके कारण भी सिरदर्द पैदा हो सकता है। 
  • जिन लोगों की नींद तनाव के कारण बार-बार टूटती है, उनमें सुबह सिरदर्द की शिकायत ज्यादा देखी जाती है।
  • कैफीन वाली चीजों के ज्यादा सेवन, मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल और अनियमित दिनचर्या के कारण भी सिरदर्द की दिक्कत हो सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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