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ई-सिगरेट पीने से बढ़ जाता है फेफड़ों की बीमारी का जोखिम, शोध में कही गई ये बातें  

Mon, 16 Dec 2019 04:23 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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e-cigarette
ई-सिगरेट पीने से फेफड़ों की बीमारी का खतरा 29 फीसदी तक बढ़ जाता है। एक नए शोध में यह दावा किया गया है। इस शोध का कहना है कि जो लोग कभी तंबाकू का सेवन नहीं करते उनकी तुलना में ई-सिगरेट पीने वाले लोगों को  अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने पिछले तीन सालों में 32,000 लोगों का विश्लेषण किया।

 
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E-cigarette
इस शोध का कहना है कि ई-सिगरेट पीने वाले लोगों को श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है। ई-सिगरेट के जरिए बिना तंबाकू के सेवन के निकोटीन ली जाती है। दुनियाभर में कई देशों में ई-सिगरेट का चलन बढ़ा है।
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e cigarette - फोटो : सोशल मीडिया
कैलिफॉर्नियो यूनिवर्सिटी में इस शोध से जुड़े प्रोफेसर स्टैंटन ग्लैंट्ज़ का कहना है कि अध्ययन में पाया गया है कि ई-सिगरेट पीने से फेफड़ों की बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप तंबाकू सेवन करते है या नहीं, अगर आप ई-सिगरेट पीते हैं तो आपको फेफेड़े की बीमारी हो सकती है।
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ई-सिगरेट - फोटो : pixabay
शोधकर्ताओं का कहना है कि ई-सिगरेट अपने आप में बेहद हानिकारक है। इसके प्रभाव पारंपरिक तंबाकू सेवन एवं धूम्रपान से अलग हैं। इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने अमेरिकी लोगों का डाटा इकट्ठा किया। शोध में उन लोगों को भी शामिल किया गया जिन्होंने कभी भी ई-सिगरेट नहीं पी और जो ई-सिगरेट पीते हैं। इसके बाद निष्कर्ष निकाला गया कि ई-सिगरेट पीने वाले लोगों में फेफड़ों की बीमारी का जोखिम 29 फीसदी ज्यादा रहता है।
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