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Health Tips: सिर्फ डायरिया ही नहीं, गंदा पानी पीने से इन गंभीर बीमारियों का भी बढ़ जाता है जोखिम

Mon, 05 Jan 2026 08:55 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

List of Waterborne Diseases: इंदौर से इन दिनों गंदा पानी पीने से कई लोगों के मौत के मामले सामने आ रहे हैं। ज्यादातर लोग डायरिया से परेशान हैं, लेकिन गंदा पानी कई अन्य गंभीर जानलेवा बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा देता है, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।

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पाचन - फोटो : Adobe Stock
Diseases Caused By Contaminated Water: अक्सर जब भी दूषित जल का जिक्र होता है, तो हमारा ध्यान सबसे पहले डायरिया या दस्त की ओर जाता है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, गंदा पानी पीना केवल पेट खराब होने तक सीमित नहीं है, यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला करने वाली कई जानलेवा बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ा देता है। दूषित पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी हमारे पाचन तंत्र से होते हुए रक्त प्रवाह में मिल जाते हैं।

जब जल स्रोतों में सीवरेज का पानी या औद्योगिक अपशिष्ट मिल जाता है, तो वह पानी हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का केंद्र बन जाता है। विशेषकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जहां पाइपलाइनों में लीकेज की समस्या होती है, वहां पानी का रंग भले ही साफ दिखे, लेकिन उसमें मौजूद सूक्ष्म जीव लीवर और आंतों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

डिहाइड्रेशन के साथ-साथ इन बीमारियों से होने वाला 'इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन' किडनी फेलियर और तंत्रिका तंत्र की समस्याओं का जोखिम भी कई गुना बढ़ा देता है। इसलिए पानी की शुद्धता को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।
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टाइफाइड - फोटो : Adobe Stock
टाइफाइड और हैजा
गंदा पानी टाइफाइड और हैजा का सबसे बड़ा कारण है। टाइफाइड 'साल्मोनेला टाइफी' बैक्टीरिया से होता है, जो तेज बुखार और आंतों में घाव कर सकता है। वहीं हैजा होने पर शरीर से पानी इतनी तेजी से निकलता है कि घंटों के भीतर मरीज की स्थिति नाजुक हो सकती है। ये दोनों बीमारियां दूषित जल के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैल सकती हैं।

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पीलिया - फोटो : Adobe Stock
हेपेटाइटिस A और E
अशुद्ध पानी पीने से हेपेटाइटिस ए और ई जैसे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ये वायरस सीधे लीवर पर हमला करते हैं, जिससे पीलिया, भूख न लगना और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं। हेपेटाइटिस ई विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। लीवर में होने वाली यह सूजन लंबे समय तक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, जिससे रिकवरी में महीनों लग जाते हैं।

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पेट के कीड़ों की समस्या - फोटो : Adobe Stock
पेचिश और पेट के कीड़े
दूषित पानी में मौजूद परजीवी पेचिश और पेट में कीड़ों की समस्या पैदा करते हैं। इसमें मल के साथ खून और मरोड़ महसूस होती है। लंबे समय तक गंदा पानी पीने से आंतों में संक्रमण बना रहता है, जिससे शरीर पोषक तत्वों को सोख नहीं पाता। बच्चों में यह समस्या कुपोषण और विकास में बाधा का कारण बनती है। अशुद्ध पानी के सूक्ष्म परजीवी आंतों की परत को धीरे-धीरे कमजोर कर देते हैं।
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उबालकर पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
बचाव के उपाय
पानी से होने वाली इन बीमारियों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका पानी को उबालकर पीना है। उबालने से अधिकांश रोगाणु नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें और जल संचयन के बर्तनों को नियमित साफ रखें। घर के बाहर खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों और बर्फ से परहेज करें। अगर बुखार या दस्त के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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