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Blood Pressure: क्या हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को चुकंदर का जूस पीना चाहिए, जानें क्या है विशेषज्ञों की राय?

Mon, 23 Jun 2025 04:03 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर कुछ लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या हाई ब्लड प्रेशर में चुकंदर का जूस पी सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि पीने से क्या होता है, और इसके पीछे का क्या विज्ञान है?
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चुकंदर - फोटो : Freepik.com
Beetroot Juice In High Blood Pressure: भारत में, उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) आज एक गंभीर और व्यापक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो लगभग 30% वयस्कों को प्रभावित करती है। इसे अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण आमतौर पर देर से और अस्पष्ट रूप से सामने आते हैं, जिससे इसकी पहचान मुश्किल हो जाती है। यह स्थिति, अगर अनियंत्रित रहे, तो हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसे जानलेवा खतरों को जन्म दे सकती है। इसलिए, इन गंभीर जोखिमों को कम करने के लिए रक्तचाप को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।

हाल के वर्षों में, दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक और सरल उपायों की मांग भी बढ़ी है। इसी कड़ी में, चुकंदर का जूस हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए एक लोकप्रिय और प्रभावी प्राकृतिक उपाय के रूप में उभरा है।

कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या ब्लड प्रेशर के मरीज को चुकंदर का जूस पीना चाहिए? इसका जवाब है हां, बिल्कुल! चुकंदर का जूस न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि वैज्ञानिक अध्ययनों से भी यह साबित हुआ है कि यह रक्तचाप को कम करने में सहायक है। आइए इस लेख में हम विस्तार से जानते हैं कि कैसे यह साधारण सी सब्जी का जूस आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और इसके पीछे क्या विज्ञान है।
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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
चुकंदर का जूस कैसे मदद करता है?
चुकंदर में नाइट्रेट्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और बीटालेन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाते हैं। जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, रोजाना 250 मिली चुकंदर का जूस पीने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 4-8 mmHg तक कम हो सकता है। 

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गाजर और चुकंदर का जूस - फोटो : freepik.com
असल में चुंकदर में मौजूद नाइट्रेट्स नाइट्रिक ऑक्साइड में बदलकर रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करते हैं, जिससे हृदय पर दबाव कम होता है। इसके अलावा, चुकंदर में फोलेट और मैंगनीज हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, जबकि बीटालेन सूजन को कम करता है।

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चुकंदर - फोटो : Freepik.com
फायदे और उपयोग का तरीका
चुकंदर का जूस ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के साथ-साथ स्टैमिना बढ़ाता है और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने से बचाता है। रोजाना 100-250 मिली ताजा जूस का सेवन पर्याप्त होता है। स्वाद के लिए इसमें नींबू, अदरक या गाजर भी मिला सकते हैं। आप इसे सुबह खाली पेट भी पी सकते हैं। घर पर बना ताजा जूस चुनें, क्योंकि पैकेज्ड जूस में नमक या चीनी हो सकती है।

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चुकंदर - फोटो : Freepik
सावधानियां और जोखिम
चुकंदर का जूस फायदेमंद है, लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं। अधिक मात्रा (500 मिली से ज्यादा) में चुकंदर का जूस पीने से पेट खराब हो सकता है। डायबिटीज के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि चुकंदर में नेचुरल शुगर भी होती है। किडनी स्टोन के मरीजों के लिए चुकंदर में मौजूद ऑक्सलेट्स हानिकारक हो सकते हैं। ब्लड प्रेशर की दवाएं लेने वाले मरीज चिकित्सक से सलाह लें, क्योंकि जूस और दवाओं का संयोजन नुकसानदायक भी हो सकता है।

चुकंदर का जूस लो ब्लड प्रेशर (Hypotension) के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है। चूंकि यह जूस रक्तचाप को कम करता है, इसलिए जिन लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से ही कम है, उन्हें इसे पीने से चक्कर आना, बेहोशी या गंभीर मामलों में शॉक लगने का खतरा हो सकता है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर से सलाह लेकर ही चुकंदर का जूस पीना चाहिए।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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