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Blood Pressure: बीपी कंट्रोल करने के लिए बेहद कारगर है ये 5-स्टेप फार्मूला, डॉक्टर ने दिया सुझाव

Fri, 06 Feb 2026 03:23 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Natural Ways to Lower BP in 2 Weeks: बीपी की समस्या एक ऐसी परेशानी है जिससे हमारे देश की एक बड़ी आबादी परेशान है। अगर आपकी बीपी 10 प्वाइंट भी बढ़ी रहती है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। आइए इस लेख में डॉक्टर से इसी के बारे में जानते हैं कि बीपी को कैसे कंट्रोल करें।
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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
BP Control Karne ke Asan Trike: हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन आज के समय में एक 'साइलेंट किलर' बन चुका है। इसे साइलेंट किलर इसलिए कहा जाता है क्योंकि बीपी की समस्या दबे पांव शरीर में कई अन्य गंभीर बीमारियों को न्योता देता है, जो हृदय रोगों और स्ट्रोक का मुख्य कारण बन सकते हैं। फिटनेस विशेषज्ञ डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी के अनुसार लगभग हर ब्लड प्रेशर की समस्या असल में हमारी बिगड़ी हुई जीवनशैली से शुरु होती है। उन्होंने एक बेहद प्रभावी '5 स्टेप फॉर्मूला' साझा किया है, जिसके नेचुरल तरीकों को अपनाकर आप महज दो हफ्तों के भीतर अपने बीपी को 10 पॉइंट तक कम कर सकते हैं। 

डॉक्टर का कहना है कि चाहे आप दवाइयां ले रहे हों या नहीं, यदि आप इन पांच नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं, तो आपका बीपी नार्मल लेवल पर आ सकता है। यह फॉर्मूला शरीर के आंतरिक सिस्टम को रीसेट करने और रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम करने में मदद करता है। जीवनशैली में ये छोटे बदलाव भविष्य में होने वाली गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचने का सबसे सरल रास्ता हैं।
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Salt - फोटो : Adobestock
स्टेप 1-  नमक पर नियंत्रण
बीपी सुधारने का पहला कदम नमक (सोडियम) की मात्रा कम करना है। डॉक्टर शालिनी रोजाना 5 ग्राम से कम नमक लेने की सलाह देती हैं। चिप्स, नमकीन और पैकेज्ड फूड जैसी चीजों में अधिक नमक होता है इसलिए इससे परहेज करें।

स्टेप 2-  पोटैशियम का सेवन
इसके साथ ही अपनी डाइट में पोटैशियम रिच फूड्स जैसे केला, संतरा, पालक और टमाटर बढ़ाएं। पोटैशियम शरीर से अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालकर धमनियों को आराम देता है, जिससे बीपी बैलेंस रहता है।
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सेडेंटरी लाइफस्टाइल से बचें - फोटो : Adobe Stock
स्टेप 3-  सक्रिय जीवनशैली और शारीरिक व्यायाम
सेडेंटरी लाइफस्टाइल हाई बीपी की सबसे बड़ी वजह है। डॉक्टर शालिनी के अनुसार, रोजाना 30 से 45 मिनट की एक्सरसाइज या वॉक करना अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। जितना ज्यादा आप मूवमेंट करेंगे, आपका दिल उतनी ही अच्छे से खून को पंप कर पाएगा। व्यायाम से रक्त वाहिकाओं का लचीलापन बढ़ता है, जिससे खून का प्रवाह सुचारू होता है और सिस्टोलिक व डायस्टोलिक दोनों ही प्रेशर संतुलित रहती है।

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स्ट्रेस - फोटो : Adobe Stock
स्टेप 4- तनाव प्रबंधन
डॉक्टर शालिनी के मुताबिक मानसिक तनाव सीधे तौर पर हमारे 'स्ट्रेस हार्मोन' को एक्टिव करता है, जो बीपी को तुरंत बढ़ा देता है। इससे बचने के लिए रोजाना कम से कम 10 मिनट डीप ब्रीदिंग (गहरी सांस लेना), मेडिटेशन या योग करें। ये तकनीकें नसों को शांत करती हैं और कोर्टिसोल के लेवल को कम करती हैं। स्ट्रेस को प्रबंधित करके आप न सिर्फ बीपी बल्कि अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकते हैं।

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नींद की समस्या - फोटो : Freepik.com
स्टेप 5- पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी
शरीर की मरम्मत के लिए 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना बहुत जरूरी होता है। नींद की कमी से कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) बढ़ता है, जो बीपी को अनियंत्रित कर देता है। डॉक्टर शालिनी का यह 5 स्टेप फॉर्मूला तभी कारगर है जब आप इसे अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाएं। दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आदतों को सुधारकर आप एक हेल्दी और लंबी जिंदगी जी सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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