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क्या होता है डाउन सिंड्रोम? जानिए इस बीमारी के कारण और लक्षण

Sun, 04 Apr 2021 10:11 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डाउन सिंड्रोम को 'ट्राइसोमी 21' के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, यह एक आनुवांशिक विकार है, जो असामान्य कोशिका विभाजन के कारण गुणसूत्र 21 के अतिरिक्त आनुवांशिक सामग्री की वजह से होता है। इस विकार की वजह से विकास और बौद्धिक विकास में देरी होती है। इसके कारण बुद्धि कमजोर होती है, विकास देर से होता है और इसके साथ ही थायरॉइड या हृदय संबंधी रोग भी हो सकते हैं। नेशनल डाउन सिंड्रोम सोसायटी (एनडीएसएस) के मुताबिक, अमेरिका में 700 बच्चों में से एक बच्चा डाउन सिंड्रोम से पीड़ित होता है। डाउन सिंड्रोम अमेरिका में सबसे ज्यादा होने वाला आनुवांशिक विकार है। आइए जानते हैं इसके कारण और लक्षणों के बारे में... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डाउन सिंड्रोम के कारण क्या हैं? 
  • दरअसल, प्रजनन के समय माता और पिता दोनों के क्रोमोसोम बच्चे तक पहुंचते हैं। कुल 46 क्रोमोसोम में से 23 माता के होते हैं और 23 पिता के। अब होता क्या है कि ये दोनों क्रोमोसोम जब आपस में मिलते हैं, तो इनमें से 21वां क्रोमोसोम अपनी एक अतिरिक्त प्रतिलिपि बना देता है। यही अतिरिक्त क्रोमोसोम बच्चे में कई तरह के शारीरिक और मानसिक विकार पैदा करता है।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डाउन सिंड्रोम के लक्षण 
  • फ्लैट चेहरा 
  • छोटा सिर और कान
  • बादाम शेप आंखें 
  • उभरी हुई जीभ 
  • हाथों में लकीरें, 
  • सिर, कान और उंगलियां छोटी और चौड़ी होती हैं 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों का व्यवहार सामान्य बच्चों की तुलना में थोड़ा अलग होता है। दरअसल, ऐसे बच्चों में एकाग्रता की कमी होती है, जिसकी वजह से उनके सीखने की क्षमता भी कम होती है। इस स्थिति में ऐसे बच्चे बिना सोचे-समझे खराब निर्णय ले लेते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे बहरापन, कमजोर आंखें, मोतियाबिंद, कब्ज, नींद के दौरान सांस लेने में दिक्कत, मोटापा, हृदय से संबंधित परेशानियां आदि। ऐसे बच्चों को संक्रमण का खतरा भी अधिक होता है। 
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