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Air Pollution: क्या घर में प्लांट्स लगाने से इंडोर पॉल्यूशन कम होता है? जानें क्या कहती है स्टडी

Sun, 21 Dec 2025 08:50 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indoor Plants vs Air Purifiers: हमारे समाज में बहुत से लोगों के मन में ये गलतफहमी है कि घर के अंदर के इंडोर प्लांट्स हवा तो साफ कर देते हैं। दरअसल ये पूरी तरह सही नहीं है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि इंडोर प्लांट्स घर से अंदर के हवा को साफ करने के लिए कितने कारगर हो सकते हैं।
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इंडोर प्लांट्स - फोटो : Amar Ujala
Can Indoor Plants to Reduce AQI ? : दिल्ली समेत देशभर के कई बड़े शहरों में इन दिनों प्रदूषण अपने चरम पर है। इस बढ़ते प्रदूषण के बीच लोग घरों के अंदर की हवा को साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ लोग इसी के साथ-साथ इंडोर प्लांट्स पर भी भरोसा कर रहे हैं। अक्सर यह माना जाता है कि घर में पौधे लगाने से कमरे का वातावरण साफ रहता है और AQI में भी सुधार होता है। लेकिन शोध क्या कहते हैं इसके बारे में भी आपको जानना चाहिए। 

1989 में नासा (NASA) की एक प्रसिद्ध स्टडी ने बताया था कि स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और पीस लिली जैसे पौधे हवा से बेंजीन और फॉर्मेल्डिहाइड जैसे जहरीले रसायनों को हटाने में सक्षम हैं। हालांकि, हालिया शोध यह स्पष्ट करते हैं कि एक सामान्य आकार के कमरे की हवा को पूरी तरह शुद्ध करने के लिए आपको जंगल की तरह बहुत सारे पौधों की आवश्यकता होगी।

वास्तव में पौधे हवा से प्रदूषकों को सोखते तो हैं, लेकिन उनकी गति एयर प्यूरीफायर के मुकाबले काफी धीमी होती है। हालांकि इंडोर प्लांट्स घर में नमी बनाए रखने, ऑक्सीजन का स्तर थोड़ा बढ़ाने और मानसिक तनाव को कम करने में अच्छी भूमिका निभाते हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से श्वसन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। मगर ये इंडोर प्लांट्स कमरे का प्रदूषण कम करने में उतने कारगर नहीं है, जितना लोग मानते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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इंडोर प्लांट्स - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं आधुनिक शोध और नतीजे?
वैज्ञानिकों का मानना है कि छोटे कमरों में रखे दो-चार पौधे हवा के PM 2.5 कणों को पूरी तरह साफ नहीं कर सकते। एक स्टडी के मुताबिक, एक वर्ग मीटर हवा को शुद्ध करने के लिए कम से कम 10 से 1000 पौधों की जरूरत पड़ेगी। यानी 7 वर्ग मीटर के छोटे से कमरे की हवा साफ करने के लिए आपको 100 से अधिक पौधे लगाने होंगे, जो व्यावहारिक रूप से लगभग असंभव है। इसलिए, पौधों को एयर प्यूरीफायर का विकल्प मानना एक गलतफहमी है।

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इंडोर प्लांट्स - फोटो : Adobe Stock
सुंदरता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
इसका मतलब यह कतई नहीं है कि घर में पौधे नहीं लगाने चाहिए। इंडोर प्लांट्स के कई अन्य लाभ हैं, ये कुछ हद तक VOCs (वाष्पशील कार्बनिक यौगिक) और कार्बन डाइऑक्साइड को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, हरा-भरा वातावरण घर की सुंदरता बढ़ाता है और तनाव के स्तर को कम करने में सहायक होता है। मनोवैज्ञानिक रूप से, पौधों के सानिध्य में रहने से व्यक्ति अधिक शांत और केंद्रित महसूस करता है।

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इंडोर प्लांट्स - फोटो : Adobe Stock
वेंटिलेशन और एयर प्यूरीफायर का महत्व
शुद्ध हवा के लिए केवल पौधों पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। शोध बताते हैं कि प्राकृतिक वेंटिलेशन (खिड़की-दरवाजे खोलना) पौधों की तुलना में हवा को कहीं अधिक तेजी से बदलता है। अगर बाहर प्रदूषण बहुत अधिक है, तो HEPA फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर ही सबसे प्रभावी समाधान हैं। पौधे इस प्रक्रिया में केवल 'संपूरक' की भूमिका निभा सकते हैं। वे हवा को तरोताजा महसूस कराते हैं, लेकिन वे धूल और सूक्ष्म कणों के फिल्टर नहीं हैं।
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इंडोर प्लांट्स - फोटो : Adobe Stock
संतुलन बनाना है जरूरी
इंडोर प्लांट्स प्रकृति से जुड़ने और घर के भीतर की आर्द्रता को संतुलित रखने का एक शानदार तरीका हैं। वे जहरीली गैसों को बहुत धीमी गति से सोखते हैं, इसलिए उन्हें सजावट और मानसिक शांति के लिए लगाएं। गंभीर प्रदूषण से बचने के लिए तकनीकी समाधान और मास्क का ही उपयोग करें। ध्यान रखें, एक या दो पौधों से कमरे का AQI रातों-रात नहीं सुधरेगा, लेकिन आपका मूड जरूर बेहतर हो जाएगा।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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