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Cancer: क्या गैस पर सेंकी गई रोटी खाने से बढ़ जाता है कैंसर का जोखिम? डॉक्टर की बात जानकर सन्न रह जाएंगे आप

Tue, 07 Oct 2025 09:57 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Does Baking Roti on Gas Cause Cancer: आज के समय में बहुत से लोग इंटरनेट पर अजीबोगरीब ज्ञान देते हैं। इसी कड़ी में इन दिनों ये वायरल हो रहा है कि गैस पर सेकी गई रोटी से कैंसर का जोखिम से बढ़ जाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में डॉक्टर से जानते हैं।
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रोटी - फोटो : Amar Ujala
Does Baking Roti on Gas Cause Cancer: सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें यह दावा किया गया है कि गैस पर सेंकी गई रोटी खाने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इस तरह की अफवाहों से आम लोगों के मन में डर पैदा कर होता है, खासकर तब जब रोटी भारतीय भोजन का एक अभिन्न हिस्सा है।

इतना ही नहीं इंटरनेट पर कुछ लोग 'ब्रेड को भी जहर' बता रहे हैं, तो कुछ 'गैस पर बनी रोटी को खतरनाक' बता रहे हैं। इन भ्रामक जानकारियों ने लोगों को अपनी ही रसोई से ही डरा दिया है। ऐसे में यह सवाल हर किसी के मन में है कि क्या वाकई हमारा रोज का खाना कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।

इस तरह के दावों ने समाज में अनावश्यक भय फैला दिया है, जिससे लोग अपने पारंपरिक और पौष्टिक आहार पर सवाल उठाने लगे हैं। लेकिन इन अफवाहों के पीछे की सच्चाई क्या है, और क्या वाकई हमें अपनी रोटी और ब्रेड से डरना चाहिए? इसी विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए, डॉ. जयेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने इन अफवाहों के तथ्यों के बारे में विस्तार से बताया है।
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bread - फोटो : Adobe stock
ब्रेड और एक्रिलामाइड पर डॉक्टर की राय
डॉ. जयेश शर्मा के अनुसार ब्रेड से कैंसर होने के पीछे दो मुख्य बातें बताई जाती हैं। पहली यह कि ब्रेड में एक्रिलामाइड नामक एक रसायन बनता है। उन्होंने बताया कि जानवरों पर किए गए कुछ शोध में अधिक मात्रा में एक्रिलामाइड देने से कैंसर होते देखा गया है, लेकिन इंसानों में अभी तक इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है।

डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि ब्रेड में एक्रिलामाइड समोसा, कचौड़ी और फ्रेंच फ्राइज जैसे तले हुए खाद्य पदार्थों की तुलना में काफी कम मात्रा में होता है। और वैसे भी एक्रिलामाइड को लेकर अभी तक इंसानों में कोई भी कैंसर का कोई प्रुफ नहीं है।

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समोसा - फोटो : Freepik
शुगर स्पाइक और संतुलित आहार
दूसरा कारण जो ब्रेड के खिलाफ दिया जाता है, वह है शुगर स्पाइक। डॉ. शर्मा बताते हैं कि मैदे से बनी हर चीज, खासकर बेक्ड आइटम्स, से शुगर स्पाइक होता है, जिससे मोटापा और इन्फ्लेमेशन भी बढ़ता है।

हालांकि अगर ब्रेड को एक संतुलित नाश्ते या भोजन के हिस्से के रूप में खाया जाए तो इसमें कोई समस्या नहीं है। बस इस बात का ध्यान दें कि आप इसका सेवन सीमित मात्रा में करें।

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रोटी - फोटो : Adobe Stock
गैस पर रोटी सेंकने की सच्चाई
भारतीयों को सबसे ज्यादा डर गैस पर रोटी सेंकने से लगता है। कुछ लोगों को लगता है कि गैस के रसायन रोटी में आ जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं। डॉ. शर्मा इस बात का खंडन करते हुए कहते हैं कि ऐसा कुछ नहीं होता है।

गैस जलने के बाद उसके रसायन उड़ जाते हैं, और यदि कुछ बच भी जाए तो वो रोटी में नहीं आते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या हमें कभी रोटी से गैस की बदबू आई है? यह दिखाता है कि यह सिर्फ एक अफवाह है।
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रोटी - फोटो : Adobe Stock
रोटी बनाते समय इस बात का ध्यान रखें?
डॉ. शर्मा के अनुसार एक चीज जो नुकसानदेह हो सकती है, वह है रोटी को ज्यादा सेंककर काला कर देना। रोटी के काले हिस्से में एक्रिलामाइड बनता है, जो लंबे समय तक सेवन करने पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, हां लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इससे कैंसर का कोई खतरा नहीं होता है।

डॉ. शर्मा ने सलाह दी कि रोटी को हल्का-हल्का सेंकें और उसे काला न होने दें। इस बात का ध्यान रखें कि रोटी खुद कैंसर का कारण नहीं बनती। डॉक्टर ने कहा कि वे खुद रोटी खाते हैं और लोगों को भी सलाह देते हैं कि वे संतुलित आहार, सलाद के साथ रोटी खाएं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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