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Health Alert: आपकी ये एक आदत 35% तक बढ़ा सकती है आंतों में सूजन का खतरा, युवा हो रहे हैं सबसे ज्यादा शिकार

Mon, 23 Jun 2025 07:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आजकल फास्ट फूड खाने का प्रचलन बढ़ा है। बच्चे, महिला या बुजुर्ग सभी लोग सेहत को अनदेखा कर इसका बडे़ शौक के साथ सेवन कर रहे हैं, पर क्या आप जानते हैं कि फास्ट फूड्स धीरे-धीरे आपको आंतों को सुजा रहे हैं?
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आंतों से संबंधित समस्याओं का खतरा - फोटो : Freepik.com
Gut Problems: खानपान की गड़बड़ी को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता रहा है। डॉक्टर कहते हैं, यदि हम सभी कम उम्र से ही आहार में सुधार पर ध्यान दे लें तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचे रह सकते हैं। जिन चीजों को स्वास्थ्य के लिए सबसे हानिकारक माना जाता है, फास्ट फूड्स खाना उनमें से एक है।

सड़क किनारे या मार्केट में लगे स्टॉल व दुकानों पर बन रहे फास्ट फूड का स्वाद यदि आप भी अक्सर लेते रहते हैं तो सावधान हो जाएं। फास्ट फूड आपके पाचन तंत्र के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो रहे हैं।  पेट दर्द (डायरिया) से लेकर आंतों से सूजन जैसे बढ़ती कई समस्याओं के लिए इसे प्रमुख कारण के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्ली स्थित अस्पतालों से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक ओपीडी में रोज पेट की समस्या की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 12 से 25 वर्ष की आयु के मरीज होते हैं। समस्या के निदान के दौरान पेट की दिक्कतों के लिए ज्यादातर लोगों में फास्ट फूड के सेवन को प्रमुख माना जा रहा है।
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खान-पान में गड़बड़ी - फोटो : Freepik.com
फास्ट फूड के कारण बढ़ती आंतों की समस्याएं

आजकल फास्ट फूड खाने का प्रचलन बढ़ा है। बच्चे, महिला या बुजुर्ग सभी लोग सेहत को अनदेखा कर इसका बडे़ शौक के साथ सेवन कर रहे हैं, पर क्या आप जानते हैं कि फास्ट फूड्स धीरे-धीरे आपको आंतों को सुजा रहे हैं?

आंतों में सूजन यानी गट इंफ्लेमेशन तब होती है जब हमारी पाचन नली की अंदरूनी दीवारों में जलन, दर्द, लालिमा या सूजन आने लगती है। यह स्थिति कई बार इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी)  क्रोहन डिजीज या अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों में बदल सकती है। इसकी एक बहुत बड़ी वजह है, हमारा खानपान, खासतौर पर फास्ट फूड्स का बढ़ता चलन।
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पेट की समस्या - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं डॉक्टर?

ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स अस्पताल में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ दीपक वर्मा कहते हैं, फास्ट फूड का सेवन करने से आंतों में सूजन की शिकायत लेकर रोजाना 8 से 10 मरीज जिम्स में पहुंच रहे हैं। लोगों को डायरिया से बचने के लिए नशा, वसा की चीजें व बार बार एक ही तेल में तली-भुनी चीजें खाने से बचना चाहिए।  

फास्ट फूड में आमतौर पर अधिक वसा, नमक और चीनी होती है, जो पाचन तंत्र को परेशान कर सकती हैं और पेट दर्द, सूजन, गैस और अपच जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।

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जंक फूड्स का सेहत पर होने वाला असर - फोटो : Adobe stock photos
आंतों से जुड़ी सूजन संबंधी बीमारियां

कई अध्ययन भी बताते हैं कि फास्ट फूड्स से आंतों का काफी नुकसान हो रहा है। बीएमजे जर्नस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग हफ्ते में 3 बार से ज्यादा प्रोसेस्ड या फास्ट फूड खाते हैं, उनमें आंतों से जुड़ी सूजन संबंधी बीमारियों का खतरा 35% तक बढ़ जाता है।फास्ट फूड्स में मौजूद हाई फैट, शुगर और एडिटिव्स (जैसे प्रिजर्वेटिव्स और इमल्सिफायर्स) गट बैक्टीरिया को असंतुलित करते हैं, जिससे गट माइक्रोबायोम गड़बड़ाता है और सूजन बढ़ती है।

आंतों की सूजन शरीर की क्रॉनिक इनफ्लेमेशन को जन्म देती है, जिससे डायबिटीज, मोटापा और यहां तक कि डिप्रेशन तक हो सकता है।
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पाचन संबंधित समस्याएं और इसका खतरा - फोटो : adobe stock images
आहार को लेकर बरतें सावधानी

साल 2024 में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की रिपोर्ट में बताया गया कि 20% युवा आंतों से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसमें खानपान सबसे बड़ा कारण है। इस तरह की समस्या से बचे रहने के लिए सबसे जरूरी है कि आप घर का बना ताजा खाना खाएं जिसमें फाइबर की अधिकता हो। इसके अलावा आहार में  प्रोबायोटिक वाली चीजें जैसे दही, छाछ, भी होनी चाहिए। आंतों और पेट की समस्याओं को कम करने के लिए ज्यादा नमक-चीनी और डीप फ्राइड चीजें कम से कम खाएं।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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