दुनियाभर की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ते देखे जा रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार, हर साल स्तन कैंसर के लगभग 23 से 24 लाख नए मामले सामने आते हैं और करीब 7 लाख मौतें होती हैं। कैंसर के गंभीर रूप लेने का बड़ा कारण समय पर बीमारी का पता न चल पाना है। अमीर देशों में बीमारी का पता चलने की दर ज्यादा है, लेकिन कम आय वाले इलाकों में शुरुआती पहचान और इलाज की सुविधाएं सीमित होने के कारण मौत का खतरा बहुत ज्यादा बना हुआ है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उम्र के साथ जरूर बढ़ता है, लेकिन कम उम्र में भी महिलाएं इसकी चपेट में आ रही हैं। यही वजह है कि डॉक्टर कहते हैं कि शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। समय रहते शरीर में हो रहे बदलावों को पहचानना और कुछ असामान्य लगने पर तुरंत जांच और डॉक्टर की सलाह लेने आपको गंभीर खतरे से बचाने वाला हो सकता है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ब्रेस्ट रहा है उन्हें ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है। इसके अलावा कुछ आनुवंशिक बदलाव, हार्मोन से जुड़े कारक, अधिक वजन और शारीरिक गतिविधि की कमी भी आपके जोखिमों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
क्या डियोड्रेंट लगाने से भी स्तन कैंसर होने का खतरा रहता है?