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Air Pollution: बढ़ता प्रदूषण कहीं छीन न ले आंखों की रोशनी, डॉक्टर ने दी जरूरी सलाह; ऐसे रखें आंखों का ख्याल

Tue, 19 Nov 2024 11:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रदूषित वातावरण में लंबे समय तक रहने के कारण सेहत पर कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। जहरीली हवा के संपर्क में आने से आंखों में लालिमा, जलन, खुजली, पानी आना, धुंधला दिखाई देने की समस्या भी हो सकती है।
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प्रदूषण के कारण आंखों की समस्याएं - फोटो : freepik.com
दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्य इन दिनों वायु प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। हवा की खराब होती गुणवत्ता को सेहत के लिए हानिकारक माना जाता रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि प्रदूषित वातावरण में लंबे समय तक रहने के कारण सेहत पर कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इससे फेफड़े तो प्रभावित होते ही हैं साथ ही इससे मस्तिष्क और हृदय की  सेहत पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। इन सबके साथ विशेषज्ञों ने प्रदूषण के कारण आंखों पर होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर भी सभी लोगों को अलर्ट किया है।

डॉक्टर कहते हैं, प्रदूषण के संपर्क में आने के कारण प्रारंभिक स्थिति में आंखों में जलन, लालिमा और खुजली होने की समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती रही है। वहीं इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभावों में आंखों की रोशनी जाने तक का खतरा रहता है। इसलिए सभी लोगों को अपनी आंखों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।
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प्रदूषण के दुष्प्रभाव - फोटो : Freepik.com
प्रदूषण के कारण आंखों पर असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हवा में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है, ऐसे में इसमें मौजूद नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, नाइट्रिक ऑक्साइड और सल्फर की उच्च मात्रा आंखों पर बुरा असर डाल सकती है। जहरीली हवा के संपर्क में आने से आंखों में लालिमा, जलन, खुजली, पानी आना, धुंधला दिखाई देना और आंखों और पलकों में संक्रमण हो सकता है।

अगर आपको पहले से ही आंखों की कोई समस्या है तो प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से ये बीमारियां और भी बढ़ सकती हैं। इससे गंभीर एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस, पलकों में संक्रमण और आंखों में सूखापन बढ़ सकता है। दीर्घकालिक स्थितियों में आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

 
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आंखों की दिक्कतें - फोटो : freepik.com
ग्लूकोमा और मोतियाबिंद का भी खतरा

वायु प्रदूषण ग्लूकोमा और मोतियाबिंद के खतरे को भी बढ़ा देती  है। अगर आंखों में ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दे रहे हों तो तुरंत आंखों को साफ पानी से धोना चाहिए। प्रदूषित हवा में जाने से बचें। आंखों की एक्सरसाइज करें। अपनी आंखों को छूने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह से जरूर धोएं।

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आंखों में संक्रमण की समस्या - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग नरूला कहते हैं, स्मॉग से आंखों में लालिमा और खुजली हो सकती है। अगर आंखों में कोई परेशानी हो रही है तो कोई भी आई ड्रॉप डॉक्टर की सलाह के बिना न डालें। इस समय  कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से बचें। हमारी आंखें पर्यावरण में मौजूद हानिकारक रसायनों के सबसे अधिक सीधे संपर्क में आती हैं। प्रदूषण और स्मॉग के कारण आंखों में एलर्जी और आंखों को क्षति होने का भी खतरा रहता है।
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आंखों की देखभाल कैसे करें? - फोटो : Freepik.com
आंखों की देखभाल जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों के लिए जरूरी है कि आप आंखों की विशेषरूप से देखभाल करते रहें। आंखों को हानिकारक प्रदूषकों के संपर्क में आने से बचाना चाहिए। प्रदूषण वाले दिनों में घर के अंदर रहें, खासकर सुबह के समय जब प्रदूषण का स्तर अपने चरम पर होता है।

यदि आपको बाहर निकलना पड़ता है, तो सुरक्षात्मक चश्मा पहनें जिससे आंखों को प्रदूषकों के सीधे संपर्क में आने से बचाया जा सके। शरीर को हाइड्रेटेड रखें, यह पर्याप्त आंसू बनाने में मदद करेगा। ऐसा करके ड्राई आइज की समस्या से बचा जा सकता है। आंखों में जलन या खुजली होने पर इसे रगड़ें नहीं। साफ पानी से आंखों को धोएं। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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