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कोविड-19 की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक: शुरुआत में मरीज थे असिम्टोमैटिक, महज 10 दिनों में खराब हो गए फेफड़े

Mon, 22 Mar 2021 05:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रही है। इस बीच मुंबई के डॉक्टरों ने पाया है कि कोविड-19 के शिकार कुछ मरीजों के फेफड़े तेजी से खराब हो रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि ज्यादातर मरीज कम आयु वाले हैं और शुरुआत में इनमें कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे। डॉक्टरों के मुताबिक हैरानी वाली बात यह है कि ऐसे मरीजों के फेफड़े महज 10 दिनों में करीब 80 फीसदी तक खराब हो चुके हैं। यह निश्चित ही गंभीर विषय है।
आइए आगे जानते हैं कि डॉक्टरों को इन मरीजों के इलाज के दौरान और कौन सी हैरान कर देने वाली बातें देखने को मिली हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस की इस दूसरी लहर में दिख रहे इस तरह के मामलों ने डॉक्टरों को हैरत में डाल दिया है। ऐसे ही एक 40 वर्षीय युवा का इलाज कर रहे डॉक्टर ने रिपोर्ट में बताया है कि मरीज को कोविड के सामान्य लक्षणों के आधार पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। महज चार दिनों के भीतर ही मरीज की हालत इस कदर खराब हो गई कि उसे उच्च मात्रा में ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ गई। यह मामला तब और हैरत में डाल देता है जब केवल 10 दिनों के भीतर ही रोगी के फेफड़े आधे से ज्यादा खराब पाए गए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

एक दूसरे मरीज के बारे में डॉक्टर ने बताया कि कोविड के लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती हुए एक मरीज की सेहत में और तेजी से बदलाव को देखा गया है। अस्पताल में आने के 18 घंटे बाद ही उसके फेफड़ों में क्लाउडी दृश्य देेखने को मिले। मरीज सीनियर सिटीजन था, जिसे बचाया नहीं जा सका है।

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prayagraj news : Covid - 19 - फोटो : prayagraj

विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि चौंकाने वाली बात यह है कि ज्यादातर रोगी शुरुआत में असिम्टोमैटिक (बिना लक्षण वाले) थे। कुछ ही दिनों में इनके फेफड़े खराब होते देखे गए हैं। केवल 15 से 20 फीसदी असिम्टोमैटिक मामले वाले रोगियों के एक्स-रे रिपोर्ट में फेफड़ों से जुड़ी परेशानी देखने को मिली थी। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में गंभीर बदलाव देखने को मिल रहे हैं, ऐसे में लोगों को बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

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