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Health Tips: क्या आपको भी मीठा खाने की अधिक क्रेविंग होती है? डॉक्टर से जान लें इसके पीछे का मूल कारण

Wed, 11 Mar 2026 11:51 AM IST
Shikhar Baranawal हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Benefits Of High Protein Breakfast: बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें जरूरत से ज्यादा मीठा खाने की क्रेविंग होती है, मगर ध्यान देने वाली बात यह है कि ये आदत आपके संपूर्ण सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि ऐसा होने के पीछे का मूल कारण क्या होता है?
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मीठा खाने की आदत - फोटो : Freepik.com
Stop Sugar Cravings Naturally : अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा मीठा खाने की क्रेविंग होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसा होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण हमारा खराब डाइट होता है। इसी विषय पर डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके बताया है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। डॉक्टर शालिनी के मुताबिक हम रोज एक ऐसी बड़ी गलती करते हैं, जो हमारे शरीर में इंसुलिन और शुगर के लेवल को बिगाड़ देती है।  

नेशनल हेल्थ सर्वे के अनुसार, भारतीयों की डाइट में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा सामान्य से दो गुना अधिक होती है। ऐसे में जब हम केवल पेट भरने के लिए 'गार्बेज फूड' या अत्यधिक कार्ब्स खाते हैं, तो शरीर की एनर्जी तुरंत ऊपर जाती है और फिर अचानक क्रैश हो जाती है।

इसी 'एनर्जी क्रैश' के कारण हर 2-3 घंटे में कुछ न कुछ मीठा या अनहेल्दी खाने की क्रेविंग होती है। डॉ. शालिनी के अनुसार, इस साइकिल के कारण वजन तो बढ़ता ही है, साथ ही इतना खाने के बावजूद शरीर में कमजोरी और बीमारी जैसा महसूस होता है। इसका मुख्य कारण हमारा अनबैलेंस मील है, जो शुगर और वजन दोनों को अनियंत्रित कर देता है।
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चीनी - फोटो : Freepik.com
शुगर क्रेविंग को कंट्रोल करने का तरीका
  • डॉ. शालिनी के मुताबिक कि इन सभी समस्याओं का सबसे सरल समाधान आपके सुबह के नाश्ते में छिपा है।
  • आपकी नाश्ते की प्लेट में कम से कम 30% प्रोटीन (लगभग 15 से 20 ग्राम) जरूर होना चाहिए।
  • प्रोटीन युक्त नाश्ता करने से शरीर में अचानक शुगर स्पाइक नहीं होता और इंसुलिन का लेवल स्थिर बना रहता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती।
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डाइट - फोटो : Adobe Stock
संतुष्टि हार्मोन और मांसपेशियों की मरम्मत
  • जब आप पर्याप्त प्रोटीन खाते हैं, तो शरीर में 'सटायटी हार्मोन' बढ़ते हैं, जो मस्तिष्क को पेट भरा होने का संकेत देते हैं।
  • यह न सिर्फ क्रेविंग को रोकता है, बल्कि शरीर की कोशिकाओं और मांसपेशियों की मरम्मत प्रक्रिया को भी तेज करता है।
  • प्रोटीन के सेवन से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, जिससे आपका शुगर कंट्रोल रहता है और शरीर में लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है।

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पनीर - फोटो : Adobe Stock
कार्ब्स के 'गार्बेज' जाल से कैसे निकलें?
  • डॉक्टर शालिनी के मुताबिक सिर्फ कार्ब्स पर निर्भर रहने से शरीर को एनर्जी के लिए बार-बार कुछ मीठा खाने की क्रेविंग होती है।
  • इसलिए नाश्ते में प्रोटीन के लिए अंडे, पनीर, अंकुरित अनाज या सोया जैसे विकल्पों को शामिल करें।
  • यह एक आदत न सिर्फ आपकी दिन भर की कार्यक्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि शाम को होने वाली मीठे की क्रेविंग को भी कंट्रोल कर देगी।
 
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प्रोटीन - फोटो : Adobe Stock
सही नाश्ता, स्वस्थ जीवन की शुरुआत
डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी के मुताबिक क्रेविंग को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ इच्छाशक्ति की नहीं, बल्कि सही पोषण की भी जरूरत होती है। अगर आप रोज सुबह 15-20 ग्राम प्रोटीन लेने की आदत डाल लेते हैं, तो आप कमजोरी और मोटापे जैसी समस्या के जोखिम कई गुना कम कर सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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