फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Monsoon Diet Tips: क्या आप भी बारिश के मौसम में खाते हैं चाय-पकौड़े? जान लें सेहत के लिए है कितना नुकसानदायक

Wed, 02 Jul 2025 05:54 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर कुछ लोग बारिश के मौसम में चाय-पकौड़ी खाना पसंद करते हैं। चाय और गर्मागर्म पकौड़ा आपके सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 6
चाय पकौड़ा - फोटो : Adobe Stock
Chai Pakauda in Mansoon Side Effect: मानसून का मौसम अपने साथ बारिश की फुहारें और ठंडी हवाएं लेकर आता है। इस मौसम में बहुत से लोग चाय और गर्मागर्म पकौड़ों खाना पसंद करते हैं। चाय-पकौड़ा बारिश के मौसम में हमारे देश का सबसे लोकप्रिय स्नैक माना जाता है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि ये आपकी सेहत के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है।

दरअसल, नमी और उमस वाली गर्मी में हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, जिससे भारी और तली-भुनी चीजों को पचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में, चाय और पकौड़े की यह आदत गैस्ट्रिक समस्याओं, अपच और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकती है। समग्र स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए, इस लेख में जानते हैं कि यह स्नैक्स हमारे स्वास्थ्य को किस तरह प्रभावित कर रहा है।
विज्ञापन

2 of 6
पाचन तंत्र - फोटो : Freepik.com
पाचन तंत्र पर असर
पकौड़े तेल में तले जाते हैं, जिसे पचाना बहुत मुश्किल होता है। मानसून में पाचन शक्ति (अग्नि) स्वाभाविक रूप से कमजोर होती है, और तले हुए खाद्य पदार्थ अपच, गैस और ब्लोटिंग का कारण बनते हैं। चाय या कॉफी में मौजूद कैफीन आयरन के अवशोषण को रोकते हैं, जिससे खून की कमी का खतरा बढ़ सकता है। यह पेट में एसिडिटी और जलन भी पैदा करता है। बार-बार चाय-पकौड़े खाने से पाचन तंत्र प्रभावित होता है।

ये भी पढ़ें- Brijesh Solanki Death: कबड्डी प्लेयर बृजेश सोलंकी की रेबीज से हुई मौत, जानिए कितनी जानलेवा है ये बीमारी?
विज्ञापन

3 of 6
कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : freepik.com
कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य को नुकसान
पकौड़ों को तलने में इस्तेमाल होने वाला तेल, खासकर अगर दोबारा गर्म किया हो, तो सैचुरेटेड और ट्रांस फैट बढ़ाता है। यह कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाता है और हृदय रोगों का जोखिम पैदा कर सकता है।

4 of 6
टाइफाइड - फोटो : Adobe Stock
इंफेक्शन का खतरा
मानसून में नमी के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। सड़क किनारे बिकने वाले पकौड़े अक्सर अस्वच्छ परिस्थितियों में बनते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

ये भी पढ़ें- Health Tips: भोजन के तुरंत बाद भूलकर भी न करें ये गलतियां, संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए होता है हानिकारक
 
विज्ञापन

5 of 6
वेट लॉस - फोटो : freepik
वजन बढ़ने की समस्या
पकौड़े उच्च कैलोरी वाले होते हैं, और बार-बार खाने से वजन बढ़ सकता है। चाय में चीनी की मात्रा और पकौड़ों का तेल मोटापे का कारण बनते हैं। मानसून में कम शारीरिक गतिविधि के कारण कैलोरी बर्न करना मुश्किल होता है, जिससे मोटापा और मधुमेह का जोखिम बढ़ जाता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अदरक वाली चाय पीएं - फोटो : freepik.com
स्वस्थ विकल्प और टिप्स
चाय-पकौड़ों के बजाय हर्बल टी, जैसे तुलसी, अदरक या दालचीनी वाली चाय, पिएं, जो इम्यूनिटी बढ़ाती है। पकौड़ों की जगह भुने हुए मखाने, उबले चने या भुनी सब्जियां खाएं। इस मौसम में भोजन को अच्छी तरह पकाएं और स्वच्छता का ध्यान रखें। यदि पाचन या अन्य समस्याएं हों, तो डॉक्टर से सलाह लें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें