फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nutrition: ऑरेंज जूस और आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग समान, डॉक्टर से जानिए डायबिटीज में आम खाना चाहिए या नहीं

Thu, 22 Jun 2023 05:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डायबिटीज में आम खा सकते हैं? - फोटो : istock
गर्मियों का यह मौसम भले ही सभी लोगों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली होती है, पर इस मौसम में मिलने वाले कई फलों का पूरे साल इंतजार रहता है। आम उन्हीं फलों में से एक है। अपने मीठे और अद्भुत स्वाद के कारण यह लोगों की पहली पसंद भी है। अध्ययनों में पाया गया है कि आम न सिर्फ स्वाद में गजब का होता है साथ ही इससे सेहत को भी कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं।

आम को सुरक्षात्मक एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पाया गया है जो कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों, पेट की समस्याओं को दूर करने के साथ शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति भी कर सकता है।

पर क्या आम सभी लोगों के लिए लाभकारी है? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि यह स्वाद में मीठा होता है और मीठी चीजें ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ाने वाली मानी जाती हैं। तो क्या डायबिटीज रोगियों को आम नहीं खाना चाहिए? इन इन सभी सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा - फोटो : iStock
आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 

डायबिटीज वाले लोग आम खा सकते हैं या नहीं इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मिले-जुले मत हैं। इस बारे में समझने के लिए हमने मुंबई स्थित वरिष्ठ एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ जाकिर आर. हुसैन से संपर्क किया। डॉ जाकिर कहते हैं, कच्चे आम ब्लड शुगर नहीं बढ़ाते हैं पर पके हुए आम से इसका खतरा हो सकता है।

हालांकि अगर ग्लाइसेमिक इंडेक्स के हिसाब से देखें तो इसे ज्यादा नुकसानदायक नहीं माना जा सकता है। आम को ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) 51-56 के बीच होता है, उतना ही जितना अमूमन संतरे के जूस का होता है। 

ग्लाइसेमिक इंडेक्स वह माप है, जिससे पता लगाया जाता है कि किसी खाने की चीज में मौजूद कार्बोहाइड्रेट कितनी देर में ग्लूकोज बनता है और फिर उससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है।
विज्ञापन

3 of 5
आम में 90% से अधिक कैलोरी शुगर से आती है। - फोटो : Pixabay
कैलोरी और अन्य पोषक तत्व

आम में 90% से अधिक कैलोरी, शुगर से आती है, यही वजह है कि यह मधुमेह वाले लोगों में रक्त शर्करा को बढ़ाने का कारण बन सकता है। पर दूसरी तरफ इस फल में फाइबर और विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं, जो रक्त शर्करा प्रभाव को कम करने में भूमिका निभाते हैं।

इसके अलावा आम में फाइबर भी पाया जाता है और डायबिटीज रोगियों को फाइबर वाली चीजें अधिक से अधिक खाने की सलाह दी जाती है। असल में फाइबर उस दर को धीमा कर देता है जिस पर आपका शरीर रक्त प्रवाह में चीनी को अवशोषित करता है।

4 of 5
आम खाने के फायदे और नुकसान - फोटो : iStock
डायबिटीज रोगियों को आम खाना चाहिए या नहीं?

डॉ जाकिर कहते हैं, इस सवाल का जवाब हर डायबिटीज रोगी के लिए अलग-अलग हो सकता है और यह निर्भर करता है आपके ब्लड शुगर के लेवल पर। अगर आपका शुगर लेवल अक्सर बढ़ा रहता है, आपको इंसुलिन शॉट की जरूरत पड़ती है या फिर डायबिटीज के गंभीर रूप से शिकार हैं तो पके आम न खाएं। वहीं अगर शुगर कंट्रोल रहता है तो दिन में एक आम खाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
आम से बढ़ता है शुगर लेवल? - फोटो : Pixabay
जरूर लें डॉक्टर की सलाह

आम विटामिन्स, खनिजों और फाइबर से भरपूर होते हैं और ये सभी प्रमुख पोषक तत्व है जो लगभग किसी भी आहार की पोषण गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं। आम से दैनिक विटामिन-सी की 65 फीसदी जरूरतों की पूर्ति भी की जा सकती है जो प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में मदद करता है। मधुमेह रोगियों में कमजोर इम्युनिटी भी बड़ी समस्या रही है। 

इन फायदों को देखते हुए आम को लाभकारी माना जा सकता है, बस दिक्कत बढ़ाती है इसमें मौजूद कैलोरी की मात्रा। यदि आप डायबिटिक हैं और आम खाना चाह रहे हैं तो बेहतर है कि आप डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
 
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें