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Diwali 2022: मिलावटी मावे से बिगड़ सकती है आपकी तबीयत, इन गंभीर समस्याओं का खतरा, जानिए कैसे करें पहचान?

Mon, 24 Oct 2022 12:07 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मिठाइयों के सेवन को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Pixabay
दीपावली के त्योहार को खास बनाती हैं मिठाइयां। इन दिनों बाजार में कई प्रकार की मिठाइयां मिल जाती हैं। हालांकि त्योहारों के सीजन में मिठाइयों और मावे में मिलावट की खबरें सामने आती रहती हैं। त्योहारों में मिठाइयों की बढ़ी खपत को पूरा करने के लिए दुकानदार मावे में मिलावट कर देते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि यह मिलावट सेहत के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई शहरों में मावे में डिटर्जेंट और कई अन्य हानिकारक मिलावट पाए गए हैं, अगर इनका सेवन कर लिया जाए तो इससे पाचन सहित कई अन्य अंगों को गंभीर नुकसान हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को मिठाइयां खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, त्योहारों में अक्सर मिठाइयों में मिलावट की खबरें सुनने को मिलती रहती हैं। खपत को पूरा करने के लिए मावे में घटिया किस्म के मिल्क पाउडर और वनस्पति घी मिलाए जाते हैं। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा तैयार करने के लिए मैदा, डिटर्जेंट, यूरिया और सिंथेटिक दूध को भी प्रयोग में लाया जाता है। नकली और असली में देखकर फर्क कर पाना भी काफी कठिन होता है।

आइए जानते हैं कि इस प्रकार की मिलावटी मिठाइयां और मावा कितने नुकसानदायक हो सकते हैं, साथ ही इनकी पहचान के लिए क्या किया जाना चाहिए?
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मिलावटी मावे वाली मिठाइयां हैं हानिकारक - फोटो : Istock
खराब गुणवत्ता वाली मिठाइयों से पाचन की समस्या

डॉक्टर्स बताते हैं कि मिलावटी मावे और खराब मिठाइयों के सेवन के कारण शरीर में कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं। नकली खोया में सिंथेटिक दूध मिलाया जाता है, इसके सेवन से उल्टी, डायरिया, फूड प्वाइजनिंग और पाचन की कई समस्याएं हो सकती हैं। मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाली हानिकारक चीजों का पाचन तंत्र के साथ सेहत पर और भी कई प्रकार से नकारात्मक प्रभाव हो सकता है, कुछ मामलों में इसे किडनी-लिवर की समस्याओं को बढ़ाने वाला भी पाया गया है।
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किडनी की समस्याओं का खतरा - फोटो : istock
किडनी-लिवर की समस्याओं का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नकली खोया खाने से किडनी और लिवर जैसे अंगों की समस्याओं के बढ़ने का भी खतरा हो सकता है। जिस तरह से मावा बनाने के लिए डिटर्जेंट और सिंथेटिक दूध के इस्तेमाल की खबरें सामने आई हैं ऐसे में इससे लिवर को गंभीर नुकसान होने का खतरा हो सकता है। हमारा शरीर इन हानिकारक तत्वों को आसानी से फिल्टर नहीं कर पाता है जिसके कारण इनसे किडनी और लिवर की बीमारियों का जोखिम हो सकता है।

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शुद्ध मावे का ही करें सेवन - फोटो : pixabay
कैसे करें नकली मावे की पहचान?

खाद्य मानक और सुरक्षा प्राधिकरण (FSSAI) ने मिलावटी/नकली मावे या खोया की पहचान करने के कुछ तरीकों के बारे में बताया है जिसकी मदद से आसानी से असली-नकली की पहचान की जा सकती है। इसके लिए एक चुटकी मावा लेकर इसे हथेलियों के बीच में रगड़ें। असली मावा थोड़ा तैलीय और दानेदार होता है। अगर उसमें से घी की महक आ रही हो तो मावा असली है। हालांकि अगर इसमें से अजीब प्रकार की गंध आ रही है तो मावे के मिलावटी होने की आशंका हो सकती है।

इसे चखकर भी पहचाना जा सकता है, असली मावा मुंह के अंदर नहीं चिपकता जबकि नकली मावा मुंह के अंदर कई जगह चिपक जाता है।
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घर पर ही तैयार करें मिठाइयां - फोटो : istock
घर पर बनी चीजों का करें सेवन

डॉक्टर्स कहते हैं, त्योहारों के सीजन में बाजार के बजाय घर पर तैयार की गई मिठाइयों की ही सेवन करें। ऐसा करके मिलावटी चीजों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है। हमेशा पैक्ड मिठाइयां ही खरीद, खुले में बिकने वाली मिठाइयों के सेवन से फूड पॉइजनिंग होने का खतरा रहता है। त्योहारों के इस सीजन में सेहत पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। आपकी जरा सी भी लापरवाही कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है।



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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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