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DIWALI 2019: ऐसे मनाएंगे दिवाली तो हवा नहीं होगी जहरीली, प्रदूषण से बचने के लिए करें ये काम

Sun, 27 Oct 2019 08:46 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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diwali 2018
दिवाली खुशियों का त्योहार है। इस दिन लोग अपने घर को बेहतरीन ढंग से सजा कर दिए जलाते हैं। दिवाली के उत्सव को मनाते हुए लोग पटाखे भी छोड़ते हैं। लेकिन हर साल दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर चर्चा शुरू हो जाती है। प्रदूषण की समस्या से तो वैसे पूरा देश परेशान है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली इससे कुछ ज्यादा ही प्रभावित है। अगर आप दिवाली पर होने वाले प्रदूषण को लेकर चिंतित हैं और खुद को इससे बचाना चाहते हैं तो आप कुछ बातों का ध्यान रख ऐसा कर सकते हैं। आइए जानते हैं दिवाली पर होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए क्या उपाय करें और कैसे बरतें सावधानी...
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दिवाली पर पटाखों के जलाने से प्रदूषण बढ़ जाता है और हवा में जहर घुल जाता है। ऐसे में अगर घर में किसी सदस्य को अस्थामा या सांस से जुड़ी कोई बीमारी हो तो उसे खुले में बाहर न निकलने दें। सांस से जुड़ी बीमारी के मरीजों को प्रदूषित हवा से परेशानी और बढ़ सकती है। अगर इन मरीजों को किसी जरूरी  काम से बाहर जाना हो तो उन्हें मास्क पहनकर निकलना चाहिए।
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दिवाली आने से पहले ही घर की साफ-सफाई का काम शुरू हो जाता है। सफाई के दौरान घर से निकलने वाले कचरे को आप घर के आसपास ना फेंके। इसे कुड़े फेंकने की सही जगह पर ही फेंके।

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पटाखों को रात भर जलाने की बजाए एक समय निश्चित करें। सीमित मात्रा में पटाखों के जलाने से प्रदूषण की मात्रा को कुछ हद तक तम किया जा सकता है। इसके अलावा तेज आवाज वाले पटाखों को जलाने से बचें। तेज अवाज वाले पटाखों के कारण दिल के मरीजों का खतरा और बढ़ सकता है।
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50 डेसीबल से ज्यादा का शोर मनुष्य के लिए घातक होता है। ज्यादा शोर होने से कान के पर्दों को नुकसान पहुंचता है। लेकिन दिवाली के दौरान जो पटाखों को छोड़ते हैं वो 100 डेसीबल से ज्यादा के होते हैं। इतना ज्यादा शोर किसी भी इंसान के लिए काफी खतरनाक है।
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