फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोविड के नए और पुराने स्ट्रेन में क्या अंतर है? कितने खतरनाक हैं नए वेरिएंट्स? जानें सबकुछ

Sat, 03 Apr 2021 12:55 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के देशभर में तेजी से बढ़ते जा रहे मामले सुर्खियों में हैं। इन सब के बीच आपने भी कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के बारे में सुना होगा। नया स्ट्रेन, मतलब कोरोना वायरस का एक नया रूप। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर कोरोना को यह नया स्ट्रेन क्या है, साथ ही यह पुराने स्ट्रेन से कितना अलग और कितना प्रभावी है? इस आर्टिकल में आपको इस बारे में सारी जानकारियां दी जाएंगी। 
 
विज्ञापन

2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
भारत में पाया गया कोविड-19 का नए डबल म्यूटेंट वायरस को काफी प्रभावी माना जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यह कोविड-19 संक्रमण से चल रहे भारत के मुकाबले को भी प्रभावित कर सकता है। इस वायरस को 70 गुना अधिक संक्रामक माना गया है। आइए जानते हैं कि पुराने वायरस के मुकाबले यह कितना अलग और प्रभावी है साथ ही इससे मुकाबले के लिए किस तरह के एहतियात बरतने की जरूरत हो सकती है। 
विज्ञापन

3 of 6
कोरोना वायरस - फोटो : social media
क्या होता है म्यूटेशन और स्ट्रेन
वायरस और अन्य रोगजनकों में म्यूटेशन होना स्वाभाविक है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार वायरस अपनी प्रतिकृति बनाता रहता है, इन परिवर्तनों को "म्यूटेशन" कहा जाता है। जब वायरस एक या उससे अधिक म्यूटेशन कर लेता है, तो इन बदलावों को मूल वायरस के वैरियंट्स के रूप में जाना जाता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन परिवर्तनों के दौरान वायरस के जीन में भी अंतर हो सकता है, जो उन्हें स्वस्थ कोशिकाओं को पार करके लोगों को अधिक प्रभाविता से संक्रमित करने के योग्य बनाता है।

4 of 6
- फोटो : social media
डबल म्यूटेशन क्या है?
अब तक मिले कोरोना के तीन नए वेरिएंट को सबसे अधिक जोखिम वाला माना जा रहा है। ये यूके (बी.1.1.7 वेरिएंट), दक्षिण अफ्रीका (बी.1.351 वेरिएंट) और ब्राजील (B.1.1.28.1) के वेरियंट्स। अब बात करते हैं डबल म्यूटेशन की। जब वायरस के दो परिवर्तन किसी एक तीसरे सुपर संक्रामक स्ट्रेन बनाने के लिए एक साथ आते हैं तो इसे डबल म्यूटेशन कहा जाता है। 
विज्ञापन

5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नया स्ट्रेन कितना अलग है?
सर्दी-खांसी और बुखार को कोविड-19 वायरस का प्रमुख लक्षण माना जाता रहा है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि वायरस का नया स्ट्रेन अधिक प्रभावशाली तरीकों से शरीर पर हमला बोलता है। नए स्ट्रेन से संक्रमित लोगों में बुखार अधिक गंभीर रूप से देखा गया है। इसके अलावा नए स्ट्रेन के कारण सुनने में समस्या, मांसपेशियों में दर्द, त्वचा में संक्रमण और दृष्टि संबंधी विकार जैसे कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कैसे करें बचाव
नए स्ट्रेनों की प्रकृति को समझने के लिए अभी और अध्ययनों की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को कोरोना के टीके के दोनों शॉट अब तक नहीं मिले है उन्हें इसका जोखिम अधिक है। ऐसे लोगों को संक्रमण से बचने के लिए बताए गए सभी उपायों का सख्ती से पालन करना चाहिए। फिलहाल बचाव का सबसे प्रभावी तरीका यही हो सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें