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Viral Infection Alert: हंटावायरस और नोरोवायरस से दुनियाभर में खौफ, आसान भाषा में समझिए दोनों में अंतर

Sat, 09 May 2026 08:15 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hantavirus vs Norovirus: हंटावायरस और नोरोवायरस के हालिया मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। दोनों ही वायरस इंसानों के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं, लेकिन इनके फैलने का तरीका, शरीर पर असर और गंभीरता एक-दूसरे से काफी अलग है। आइए इन दोनों समस्याओं के बारे में जान लेते हैं।
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हंटावायरस और नोरोवायरस का अलर्ट - फोटो : Amarujala.com/AI
क्रूज शिप में फैले हंटावायरस संक्रमण ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक एमवी होंडियस शिप में हंटावायरस का संक्रमण सामने आया था। इसमें पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई जिसमें से तीन की मौत भी हो चुकी है। चालक दल सदस्यों में दो भारतीयों के भी हंटावायरस से संक्रमित होने की सूचना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह क्रूज शिप अर्जेंटीना से अपनी यात्रा पर निकला था, जिसमें हंटावायरस का संक्रमण रिपोर्ट किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरू में इस क्रूज पर करीब 150 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे, लेकिन 24 अप्रैल को दर्जनों लोग सेंट हेलेना द्वीप पर उतर गए। स्वास्थ्य अधिकारी शिप से उतरे हुए लोगों का पता लगाने की होड़ में लगे हैं क्योंकि इन लोगों से संक्रमण के फैलने की आशंका बनी हुई है। 

वहीं एक अन्य मामले में एक अन्य क्रूज शिप पर नोरोवायरस फैलने से 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। प्रिंसेस क्रूज के शिप 'कैरिबियन प्रिंसेस' ने 7 मई को 'सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (सीडीसी) को इस बीमारी के फैलने की जानकारी दी। अब तक लगभग 102 यात्रियों और 13 क्रू सदस्यों के बीमार होने की पुष्टि हुई है।

अब लोगों के मन में सवाल है कि आखिर हंटावायरस और नोरोवायरस क्या हैं और इनसे कितना जोखिम है?
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संक्रामक बीमारियों का खतरा - फोटो : Adobe stock
भारत में  कितना खतरा?

क्रूज शिप से जुड़े हंटावायरस संक्रमण को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंता के बीच, इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कहा है कि फिलहाल देश में इसके कम्युनिटी लेवल पर फैलने या लोगों की सेहत को लेकर खतरा नहीं है। आ

ईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. नवीन कुमार के मुताबिक भारत में लोगों की सेहत को तुरंत कोई खतरा नहीं है। उनका यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि  क्रूज शिप पर सवार दो भारतीय नागरिकों में हंटावायरस पाया गया है।

गौरतलब है कि हंटावायरस और नोरोवायरस दोनों ही इंसानों के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। आइए दोनों में अंतर जान लेते हैं।
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हंटावायरस का संक्रमण - फोटो : Amarujala.com/AI
पहले हंटावायरस के बारे में जानिए

हंटावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के मल या पेशाब के संपर्क में आने से फैलता है। 
 
  • जब सूखे मल या मूत्र के कण हवा में मिलते हैं और व्यक्ति उन्हें सांस के जरिए अंदर लेता है, तब संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • हंटावायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं जिसमें संक्रमितों को बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान जैसी दिक्कतें होती हैं। 
  • गंभीर मामलों मे फेफड़ों में पानी भरने लगता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। इस स्थिति को हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (एचपीएस) कहा जाता है। 
  • खेतों, गोदामों, पुराने घरों में जहां पर चूहे ज्यादा होते हैं वहां से संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ जाता है। 

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नोरोवायरस के कारण पेट की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
नोरोवायरस क्या है और ये कैसे फैलता है?

नोरोवायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो गंभीर गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट और आंतों में सूजन) का कारण बनता है। 
 
  • इसके कारण अचानक उल्टी और दस्त होने लगते हैं। यह भोजन से होने वाली बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है। 
  • वैसे तो यह आमतौर पर जानलेवा नहीं होता, लेकिन बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से बीमारी से पीड़ित लोगों में यह गंभीर डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है।
  • संक्रमितों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, मतली और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। 
  • यह वायरस मुख्य रूप से दूषित भोजन या पानी के जरिए फैलता है। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति खाना बनाता है और हाथ अच्छी तरह नहीं धोता, तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
  • स्कूल, अस्पताल, होटल, क्रूज शिप और भीड़भाड़ वाली जगहों पर इसके प्रकोप अधिक देखे जाते हैं।
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संक्रामक रोगों से बचने के लिए क्या करें? - फोटो : Freepik.com
नोरोवायरस और हंटावायरस, क्या है दोनों में अंतर?

नोरोवायरस और हंटावायरस दोनों वायरल संक्रमण हैं। नोरोवायरस मुख्य रूप से पाचन तंत्र को प्रभावित करता है, जबकि हंटावायरस फेफड़ों और कई बार किडनी को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। 
 
  • नोरोवायरस बहुत तेजी से फैलता है और हर साल लाखों लोगों को संक्रमित करता है। 
  • वहीं हंटावायरस ज्यादा जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकता है। इसकी मृत्यु दर काफी अधिक है।
  • नोरोवायरस का संक्रमण दूषित भोजन, पानी और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है। जबकि हंटावायरस चूहों के संपर्क से फैलता है।
  • दोनों ही संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई, हाथ धोना, सुरक्षित भोजन जरूरी है। चूहों से दूरी और घर की साफ सफाई हंटावायरस के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।


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स्रोत
What Is Hantavirus?


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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