क्रूज शिप में फैले हंटावायरस संक्रमण ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक एमवी होंडियस शिप में हंटावायरस का संक्रमण सामने आया था। इसमें पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई जिसमें से तीन की मौत भी हो चुकी है। चालक दल सदस्यों में दो भारतीयों के भी हंटावायरस से संक्रमित होने की सूचना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह क्रूज शिप अर्जेंटीना से अपनी यात्रा पर निकला था, जिसमें हंटावायरस का संक्रमण रिपोर्ट किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरू में इस क्रूज पर करीब 150 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे, लेकिन 24 अप्रैल को दर्जनों लोग सेंट हेलेना द्वीप पर उतर गए। स्वास्थ्य अधिकारी शिप से उतरे हुए लोगों का पता लगाने की होड़ में लगे हैं क्योंकि इन लोगों से संक्रमण के फैलने की आशंका बनी हुई है।
वहीं एक अन्य मामले में एक अन्य
क्रूज शिप पर नोरोवायरस फैलने से 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। प्रिंसेस क्रूज के शिप 'कैरिबियन प्रिंसेस' ने 7 मई को 'सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (सीडीसी) को इस बीमारी के फैलने की जानकारी दी। अब तक लगभग 102 यात्रियों और 13 क्रू सदस्यों के बीमार होने की पुष्टि हुई है।
अब लोगों के मन में सवाल है कि आखिर हंटावायरस और नोरोवायरस क्या हैं और इनसे कितना जोखिम है?