लिवर की बीमारी
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फैटी लिवर और किडनी की बीमारी
कुछ अंदरूनी बीमारियां तो ऐसी हैं जिनमें लक्षण आने में काफी समय लग सकता है। मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज यानी एमएएसएलडी में लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होता है। यह समस्या आमतौर पर लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के रह सकती है। मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और टाइप-2 डायबिटीज वालों में इसका खतरा अधिक होता है।
- इसी तरह किडनी की बीमारी भी धीरे-धीरे बढ़ती है। शुरुआती क्रॉनिक किडनी डिजीज में बहुत कम या कोई लक्षण नहीं होता।
- इसके कारण होने वाली कमजोरी, दर्द या पेशाब में बदलाव को आमतौर पर लोग इग्नोर करते रहते हैं जो बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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