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डायबिटीज के मरीजों को कोरोना में ब्लैक फंगस के अलावा है इन गंभीर बीमारियों का खतरा

Mon, 24 May 2021 03:06 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कई सारी समस्याएं हो सकती हैं - फोटो : iStock/Pixabay

Medically Reviewed by Dr. Sanjeev Shukla

डॉ संजीव शुक्ला

एंडोक्राइनोलॉजिस्ट एंड डायबिटोलॉजिस्ट, ग्लोबल हॉस्पिटल

डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.डी मेडिसिन 

अनुभव- 16 वर्ष

शुगर के मरीजों के लिए बहुत जरूरी है कि वे अब अपने स्वास्थ्य का कुछ इस तरह से ध्यान रखें कि उन्हें कोरोना न हो क्योंकि कोरोना यदि उन्हें होता है तो उनके लिए कई सारे जोखिम हैं। ब्लैक फंगस यदि नहीं भी होता है तो रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से उन्हें और भी कई सारी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में यदि कोरोना हो भी जाता है तो कोशिश करें कि आप घबराएं न और तुरंत अपने चिकित्सक को दिखा दें। अगली स्लाइड्स से जानिए डायबिटीज के मरीजों को कोरोना के दौरान कौनसी समस्याएं हो सकती हैं। 

 

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एकदम से सांस संबंधी समस्या होने लगती है - फोटो : iStock

सांस संबंधी समस्या
डायबिटीज के मरीजों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही बहुत कमजोर होती है। ऐसे में संक्रमण के फैलते ही उन्हें एकदम से सांस संबंधी समस्या होने लगती है। सांस का फूलना. सांस लेने में दिक्कत का होना, सीने में दर्द आदि समस्या एकसाथ होने लगती है जिससे कि मरीज और भी अधिक घबरा जाता है और स्थिति बिगड़ जाती है इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत जरूरी है कि वे शुरू से ही अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर ध्यान दें। 

 

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फेफड़े बहुत जल्दी संक्रमित होने लगते हैं - फोटो : iStock

कोविड निमोनिया
कई सारे डायबिटीक मरीजों की जान दूसरी लहर में इसलिए भी गई क्योंकि उन्हें कोरोना के साथ ही निमोनिया भी हो गया था। विशेषज्ञों के अनुसार टाइप- 2 के मरीजों के शरीर में संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है। फेफड़े बहुत जल्दी संक्रमित होने लगते हैं और सांस लेने में भी बहुत दिक्कत आने लगती है। निमोनिये के साथ फेफड़े के संक्रमण को अचानक नियंत्रित करना बहुत मुश्किल का काम है। 

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डायबिटीज के मरीज पानी का अधिक सेवन करें - फोटो : सोशल मीडिया

त्वचा रोग
कोरोना के समय डायबिटीज के रोगी की त्वचा भी प्रभावित होती है। त्वचा रोग इतना बढ़ जाता है कि जगह-जगह बड़े-बड़े घाव होने लगते हैं। त्वचा के शुष्क होने पर लाल चकतों का पड़ना, पूरे शरीर में खुजली होने जैसी समस्याएं भी होती हैं। जगह-जगह घाव होने पर मरीज को बहुत तकलीफ होने लगती है और इन घावों को ठीक होने में भी ज्यादा समय लगता है इसलिए कोरोना होने पर डायबिटीज के मरीज पानी का अधिक सेवन करें। 

 

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आपको अधिक परेशान होना पड़ सकता है - फोटो : सोशल मीडिया
ब्लैक फंगस संक्रमण 
ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा डायबिटीक मरीजों को सबसे अधिक है इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इस बात का ध्यान पहले से ही रखना होगा कि आपको कोरोना ही न हो। यदि कोरोना हो भी जाता है और लक्षण ज्यादा नहीं दिखाई दे रहे हैं, तब भी इस बात का आप विशेष ध्यान रखें कि आपका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहे, इसके प्रति यदि कोई लापरवाही आपने दिखाई तो आगे चलकर आपको अधिक परेशान होना पड़ सकता है। थोड़ी सी भी स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सक को जरूर दिखाएं। 

नोट- यह लेख ग्लोबल हॉस्पिटल, लखनऊ के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट एवं डायबिटोलॉजिस्ट डॉक्टर संजीव शुक्ला से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर संजीव  शुक्ला पिछले 16 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एस.जी.पी.आई, लखनऊ से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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