खान-पान में गड़बड़ी से डायबिटीज का खतरा
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टाइप-2 डायबिटीज को कंट्रोल रखना आसान
डॉक्टर कहते हैं, अधिकांश मामलों में टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम किया जा सकता है।
वजन कंट्रोल रखना, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार जैसी आदतें शुगर कंट्रोल रखने में आपके लिए मददगार हो सकती हैं। वहीं प्रीडायबिटीज की स्थिति में समय रहते जीवनशैली में बदलाव करने से कई लोगों में डायबिटीज की शुरुआत को टाला या धीमा किया जा सकता है। हालांकि जिन लोगों में आनुवंशिक जोखिम अधिक है, उन्हें नियमित जांच कराते रहना चाहिए।
वहीं टाइप-1 डायबिटीज में इंसुलिन इंजेक्शन जरूरी हो जाता है। लाइफस्टाइल में बदलाव से इसे पूरी तरह कंट्रोल नहीं किया जा सकता।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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