मधुमेह और उसका खतरा
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टाइप 1.5 डायबिटीज की पहचान कैसे करें?
विशेषज्ञ बताते हैं कि चूंकि इसके लक्षण अन्य प्रकार के डायबिटीज से मिलते-जुलते होते हैं इसलिए इसका सही निदान थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
टाइप 1.5 डायबिटीज में भी आपको बार-बार प्यास लगना, अत्यधिक पेशाब आना, अचानक बिना कारण वजन घटना,लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना, हल्की भूख के बावजूद ब्लड शुगर का तेजी से बढ़ना, जख्म या कट लगने पर देर से भरना और धुंधला दिखाई देने की समस्या हो सकती है।
शुगर मॉनिटर करने पर लगातार बढ़ा हुआ ग्लूकोज स्तर डायबिटीज का संकेत होता है जिसको लेकर डॉक्टर की सलाह जरूरी है। सुबह खाली पेट शुगर लेवल 125 एमजी/डीएल से ऊपर और भोजन के बाद 200 से अधिक रहना अलार्मिंग हो सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एम्स के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. विवेक अग्रवाल का कहना है कि भारत में मधुमेह की विशाल आबादी है और इसमें से 5-10 प्रतिशत मरीज लाडा से पीड़ित हो सकते हैं। समस्या यह है कि अधिकांश मामलों में इसे टाइप 2 मानकर इलाज किया जाता है। अगर समय रहते सही पहचान हो जाए तो मरीज गंभीर जटिलताओं से बच सकते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुल 10 करोड़ से अधिक डायबिटीज के मरीज हैं।