फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diabetes: डायबिटीज के मरीजों को भूलकर भी नहीं करनी चाहिए ये चार गलतियां, शुगर कंट्रोल करना हो जाएगा मुश्किल

Fri, 04 Jul 2025 07:37 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Diabetes Patients Common Mistakes: अक्सर कुछ डायबिटीज के मरीज जाने-अनजानें में कुछ गलतियां कर देते हैं, जिसका उन्हें दीर्घकालिक नुकसान भुगतना पड़ता है। ये आदत बेहद सामान्य हैं, इसलिए इसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
विज्ञापन
1 of 6
डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
Diabetes Patients Don't Do's: डायबिटीज आज एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है, जहां शरीर में ब्लड शुगर का लेवल अनियंत्रित हो जाता है। भारत में तो यह स्थिति और भी गंभीर है, जहां लगभग 10 करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। जिन लोगों को डायबिटीज की शिकायत है उन्हें इस बीमारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने की जरूरत है। इसके लिए उन्हें संतुलित आहार लेना चाहिए, नियमित व्यायाम और एक सही जीवनशैली अपनाना चाहिए।

हालांकि अक्सर जाने-अनजाने में कुछ आम गलतियां हो जाती है जो ब्लड शुगर लेवल को अनियंत्रित कर सकती हैं और दीर्घकालिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। ये गलतियां न केवल दवाइयों के प्रभाव को कम करती हैं, बल्कि जटिलताओं के खतरे को भी बढ़ा देती हैं। इसलिए मधुमेह प्रबंधन में इन गलतियों को समझना और उनसे बचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए इस लेख में हम ऐसे ही चार प्रमुख गलतियों के बारे में विस्तार से जानते हैं जिनसे डायबिटीज रोगियों को बचना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 6
डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
चीनी युक्त भोजन का अधिक सेवन
डायबिटीज रोगी अक्सर भोजन का समय मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक और प्रोसेस्ड फूड खा लेते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाता है। हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ, जैसे सफेद चावल और मैदा खाने से बचें। इसके बजाय, जामुन, सेब, साबुत अनाज और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाएं। रोजाना एक निश्चित समय पर भोजन करें और छोटे-छोटे अंतराल में भोजन लें।
 
ये भी पढ़ें- Side Effect of Ketchup: क्या आप भी रोज खाते हैं केचप? तो जरूर जान लें इससे होने वाले नुकसान
विज्ञापन

3 of 6
डायबिटीज - फोटो : Adobe stock
व्यायाम की अनदेखी
नियमित व्यायाम डायबिटीज प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन कई लोग इसे नजरअंदाज करते हैं। बिना शारीरिक गतिविधि के ब्लड शगर लेवल बढ़ता है और इंसुलिन सेंसटिवीटी कम होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता का व्यायाम, जैसे तेज सैर या योग, करें। यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है और वजन प्रबंधन में मदद करता है।

ये भी पढ़ें- Cancer Prevention: क्या होते हैं 'कैंसर फाइटिंग फूड्स'? कैंसर से बचाव के लिए कैसा होना चाहिए आपका आहार

4 of 6
डायबिटीज - फोटो : Adobe stock
दवाओं या इंसुलिन का अनियमित सेवन
कुछ डायबिटीज रोगी दवाओं या इंसुलिन का समय पर सेवन नहीं करते, जो खतरनाक हो सकता है। यह हाइपोग्लाइसीमिया (कम शुगर) या हाइपरग्लाइसीमिया (उच्च शुगर) का कारण बनता है। हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें और शुगर लेवल की नियमित जांच करें। यदि दवा का समय भूल जाएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विज्ञापन

5 of 6
डायबिटीज - फोटो : Adobe stock
तनाव और नींद की कमी
तनाव और अपर्याप्त नींद कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करता है। डायबिटीज रोगी अक्सर तनाव और नींद की कमी को हल्के में लेते हैं, ये नुकसानदायक हो सकता है। रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें और तनाव कम करने के लिए ध्यान, योग या गहरी सांस लें। स्क्रीन टाइम कम करें और सोने से पहले शांत वातावरण बनाएं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
डायबिटीज की जांच। - फोटो : UNICEF
बचाव
डायबिटीज रोगी नियमित भोजन, व्यायाम, दवाओं का समय पर सेवन और तनाव प्रबंधन पर ध्यान दें। डाइट में जामुन, पपीता और हरी सब्जियां शामिल करें। रोजाना 2-3 लीटर पानी पिएं और तले-भुने खाद्य पदार्थों से बचें। नियमित रक्त शर्करा जांच और डॉक्टर की सलाह लें। यदि लक्षण जैसे थकान, बार-बार पेशाब या चक्कर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें