डायबिटीज की समस्या मौजूदा समय में इतनी आम हो गई है कि बच्चे-बच्चे को भी इस बारे में जानकारी होती है। ब्लड शुगर बढ़े रहने की ये बीमारी शरीर को कई तरह से प्रभावित करने वाली हो सकती है। पहले ये बीमारी उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या मानी जाती थी हालांकि अब युवा आबादी, यहां तक कि बच्चों में भी इसका खतरा देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार में गड़बड़ी, अनियमित लाइफस्टाइल, तनाव और स्क्रीन टाइम ने युवाओं को भी इस बीमारी की चपेट में ला दिया है। भारत को डायबिटीज की राजधानी कहा जाता है, क्योंकि यहां करीब 10 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी रूप में मधुमेह से पीड़ित हैं। खास चिंता की बात यह है कि अब 25 से 35 वर्ष की उम्र के युवा भी टाइप-2 डायबिटीज के मरीज बन रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों की अनदेखा करने से यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाने लगती है। समय के साथ इसके कारण हृदय, किडनी, आंखें और तंत्रिकाओं पर असर हो सकता है।