आंखों की जांच जरूरी
- फोटो : Freepik.com
लक्षण न हों तब भी आंखों की जांच जरूरी
आंखों की कुछ गंभीर बीमारियां शुरुआती दौर में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती हैं। डायबिटिक रेटिनोपैथी इसका उदाहरण है। इसलिए सिर्फ नजर कमजोर होने पर ही आंखों की जांच न कराएं। डायबिटीज वाले लोगों के लिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराते रहना जरूरी है।
ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना, धूम्रपान से बचना और डॉक्टर द्वारा बताई गई जांच कराना आंखों की रोशनी को बचाए रखने में मदद करती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।