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आई हेल्थ: इन बीमारियों का सीधे आपकी आंखों पर पड़ता है असर, हमेशा के लिए जा सकती है रोशनी

Tue, 22 Sep 2026 08:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और आंखों की कुछ बीमारियां आपकी नजर को प्रभावित कर सकती हैं। डायबिटीज में डायबिटिक रेटिनोपैथी का खतरा बढ़ता है, जो शुरुआत में बिना लक्षण के भी हो सकती है। नियमित आंखों की जांच, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर पर कंट्रोल रखना जरूरी है।
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आंखों की बढ़ती दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। लिहाजा कई बीमारियां जो पहले उम्र बढ़ने के साथ हुआ करती थीं वह कम उम्र वालों में भी देखी जा रही हैं। आंखों की दिक्कतें भी उनमें से एक हैं। अब कम उम्र में आंखों की रोशनी कम होने और चश्मा लगने की दिक्कत बहुत आम हो गई हैं।

आंखों की रोशनी कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। शरीर में मौजूद कुछ बीमारियां भी धीरे-धीरे आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। डायबिटीज इसका एक बड़ा उदाहरण है। लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई रहने से आंख के पीछे मौजूद रेटिना की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिससे डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी समस्या हो सकती है। डायबिटीज से मोतियाबिंद और ग्लूकोमा का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी तरह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है।

आइए आंखों की बढ़ती समस्याओं के पीछे की बीमारियों को जान लेते हैं।
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डायबिटीज का आंखों पर असर - फोटो : Adobe Stock
डायबिटीज वालों में सबसे ज्यादा खतरा

लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई रहने से आंख की रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान हो सकता है। इसे डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। 
 
  • शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं भी होते हैं। हालांकि समय के साथ आपको धुंधला दिखने, आंखों के सामने धब्बे या रोशनी कम होने जैसी समस्या हो सकती है। 
  • डायबिटीज वाले लोगों में मोतियाबिंद और ग्लूकोमा का जोखिम भी बढ़ा हुआ देखा जाता रहा है।
  • डायबिटीज के शिकार लोगों को आंखों की दिक्कतों को कम करने के लिए ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के उपायों के साथ और साल में कम से कम एक बार आंखों की विस्तृत जांच कराना जरूरी है।
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ब्लड प्रेशर का आंखों पर असर - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत

ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहने से शरीर की रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है। आंखों में मौजूद छोटी रक्त वाहिकाएं भी इससे प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखना चाहिए। 
 
  • अगर नजर अचानक धुंधली हो जाए, आंखों के सामने अचानक धब्बे दिखाई दे या नजर में अचानक बदलाव आए तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 
  • आंखों की समस्याओं के साथ ब्लड प्रेशर  हाई रहने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है।

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आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
ग्लूकोमा और मोतियाबिंद की दिक्कत

ग्लूकोमा आंख की ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी है और इसका इलाज न होने पर नजर धीरे-धीरे कम हो सकती है। वहीं मोतियाबिंद में आंखों का प्राकृतिक लेंस धुंधला होने लगता है, जिससे देखने में परेशानी होती है। 
 
  • उम्र बढ़ने के साथ मोतियाबिंद का जोखिम बढ़ जाता है। डायबिटीज वालों में इन दोनों तरह की समस्याओं का जोखिम अधिक रहता है। आंखों में लगातार धुंधलापन, रोशनी के आसपास घेरा या नजर में बदलाव जैसे लक्षण हों तो जांच करानी चाहिए।
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आंखों की जांच जरूरी - फोटो : Freepik.com
लक्षण न हों तब भी आंखों की जांच जरूरी

आंखों की कुछ गंभीर बीमारियां शुरुआती दौर में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती हैं। डायबिटिक रेटिनोपैथी इसका उदाहरण है। इसलिए सिर्फ नजर कमजोर होने पर ही आंखों की जांच न कराएं। डायबिटीज वाले लोगों के लिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराते रहना जरूरी है।  

ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना, धूम्रपान से बचना और डॉक्टर द्वारा बताई गई जांच कराना आंखों की रोशनी को बचाए रखने में मदद करती है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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