फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dengue: दिल्ली में डेंगू के साथ इन बीमारियों का भी बढ़ रहा है खतरा, डॉक्टरों ने बचाव के लिए बताए जरूरी उपाय

Thu, 26 Sep 2024 01:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां - फोटो : amarujala
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में मच्छर जनित बीमारियों के कारण अस्पतालों में भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है। सितंबर-अक्तूबर में हर बार इस रोग के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। हालिया रिपोर्ट्स फिर से बीमारी को लेकर लोगों को अलर्ट कर रहे हैं।

जानकारियों के मुताबिक एक हफ्ते में ही दिल्ली-एनसीआर में 300 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राजधानी में पिछले सात दिनों में डेंगू के 300 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, इसके पिछ्ले सप्ताह में ये संख्या 250 के करीब थी।

डॉक्टर्स बताते हैं, डेंगू के साथ-साथ कई अन्य मच्छरजनित रोगों के मामले भी कुछ हफ्तों से उछाल पर हैं। ओपीडी में तेज बुखार के साथ आने वाले लोगों में डेंगू के अलावा चिकनगुनिया और मलेरिया की समस्या का भी निदान किया जा रहा है। डॉक्टर बताते हैं, ये सभी स्थितियां गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती हैं जिसको लेकर सभी लोगों को निरंतर बचाव के उपाय करते रहना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 5
तेज बुखार की हो रही है दिक्कत - फोटो : istock
डेंगू के कारण बढ़ रहा है खतरा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल 20 सितंबर तक दिल्ली में डेंगू के कुल 1229 मामले दर्ज किए गए और दो लोगों की मौतें भी हुई। अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल के डॉ अरविंद कुमार बताते हैं, इस बार मानसून का असर ज्यादा होने के कारण डेंगू का खतरा अधिक होने की आशंका है। फिलहाल राहत की बात ये है कि ज्यादातर रोगियों में लक्षण गंभीर नहीं हैं और सामान्य उपचार के माध्यम इसमें आराम मिल जा रहा है।

कुछ मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने का जरूरत पड़ रही है हालांकि ऐसे लोगों की संख्या काफी कम है।
विज्ञापन

3 of 5
डेंगू फैलाने वाला मच्छर - फोटो : freepik.com
डरा रहे हैं आंकड़े

आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में इस महीने डेंगू के 651 मामले सामने आए, पिछले सप्ताह 256 लोगों में डेंगू की पुष्टि की गई थी  आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल कर्नाटक के बाद अब असम में डेंगू के कारण स्थिति काफी बिगड़ती देखी जा रही है। महाराष्ट्र और दक्षिण के कई अन्य  राज्यों में भी इस रोग का प्रकोप देखा जा रहा है।

गुवाहाटी में स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, डेंगू के कारण स्थिति काफी बिगड़ी है। मच्छरों के पनपने वाले स्रोतों में कमी लाने के अभियान के तहत हमने प्रभावित क्षेत्रों में जांच अभियान तेज किया है।

4 of 5
मच्छरों से करें बचाव - फोटो : freepik.com
चिकनगुनिया-मलेरिया ने भी बढ़ाई चिंता

डेंगू के साथ चिकनगुनिया-मलेरिया के मामलों ने भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ की चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टर बताते हैं, इस बार पिछले वर्षों की तुलना में मलेरिया के मामले भी अधिक देखे जा रहे हैं। इस महीने तक दिल्ली में मलेरिया के 363 मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये आंकड़ा 294 था।

डेंगू और मलेरिया के साथ-साथ इस बार , चिकनगुनिया के के कारण भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ती देखी जा रही है। अब तक 43 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले का लगभग दोगुना है। ये सभी बीमारियां गंभीर स्थितियों में जानलेवा भी हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मच्छरों से बचाव के उपाय - फोटो : freepik.com
मच्छरों से बचाव के लिए निरंतर करते रहें उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल्ली में इस बार मानसून का असर ज्यादा देखा गया है जिससे कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति हो गई। स्थिर और साफ पानी डेंगू मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त होता है। इसके अलावा  प्लास्टिक के कंटेनर, एयर कूलर, फूलों के गमले, टायर और खाली पड़े किसी भी सामान जहां पानी जमा हो सकता है उनमें मच्छर पनप सकते हैं। मच्छरों को पनपने से रोकने के उपायों के साथ-साथ मच्छरों के काटने से बचने के लिए भी प्रयास जरूरी है।

बचाव के तरीकों का पालन करते रहना ही आपको इन स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।



--------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें