डेंगू-मलेरिया का खतरा
- फोटो : Freepik.com
खतरनाक हो सकता है डेंगू
डॉक्टर बताते हैं, डेंगू की बीमारी एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होती है, जो दिन के समय अधिक सक्रिय रहते हैं। डेंगू का वायरस हमारे शरीर में पहुंचकर ब्लड सेल्स और इम्यून सिस्टम पर हमला करता है। शुरुआत में मरीज को बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, और हल्के लाल दाने जैसे लक्षण दिखते हैं। अगर संक्रमण बढ़ जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
डेंगू के गंभीर मामलों में शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटने लगती है, इससे ब्लीडिंग शुरू हो सकता है। यह स्थिति डेंगू हेमोरेजिक फीवर या डेंगू शॉक सिंड्रोम कहलाती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। जब वायरस शरीर में ज्यादा फैल जाता है, तो यह सिर्फ खून को नहीं बल्कि लीवर, किडनी, हृदय और मस्तिष्क जैसे अंगों को भी प्रभावित करने लगता है।