हीटवेव के कारण होने वाली दिक्कतें
- फोटो : istock
तापमान में क्यों हो रही है इस स्तर की बढ़ोतरी?
अमर उजाला से बातचीत में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू( में असिस्टेंट प्रोफेसर (पर्यावरण विभाग) डॉ कृपाराम बताते हैं, बढ़ता तापमान अत्यंत गंभीर विषय है, पर दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि हम इसकी गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं। जलवायु परिवर्तन को सिर्फ तापमान बढ़ने तक ही सीमित नहीं करना चाहिए, इसका वाटर बॉडीज पर भी गंभीर असर होता है जो तापमान बढ़ने के बाद प्रक्रिया स्वरूप ग्रीन हाउस गैस को बढ़ाने का कारक हैं। अलबिडो के स्तर में हो रहा बदलाव भी बड़ी चिंता का कारण है। अलबिडो, सोलर रेडिएशन का मापक है, जिसके आधार पर धरती पर सूर्य की ताप आने के बाद यह वातावरण में कितना रिफ्लेक्ट हो रहा है, उसे मापा जाता है।
डॉ कृपाराम कहते हैं, कार्बन उत्सर्जन रोकथाम वैश्विक स्तर का विषय है। पेड़ों की कटाई, कंक्रीट का बढ़ना तापमान को बढ़ाता जा रहा है।