World Lung Cancer Day 2024: वायु प्रदूषण को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता रहा है। ये फेफड़ों-सांस से संबंधित बीमारियों का प्रमुख कारण तो है ही, साथ ही प्रदूषण की वजह से हर साल मौत के आंकड़े भी बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। द लैंसेट प्लेनेटरी हेल्थ जर्नल में प्रकाशित हालिया अध्ययन के अनुसार, जिस तरह से वायु प्रदूषण के स्तर में इजाफा देखा जा रहा है, उसने कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। 10 प्रमुख भारतीय शहरों में प्रतिदिन होने वाली मौतों में से सात प्रतिशत से अधिक मौतें प्रदूषण के कारण होने वाली समस्याओं के कारण ही हो रही हैं।
अध्ययन में अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, पुणे, शिमला और वाराणसी जैसे शहरों के डेटा का विश्लेषण किया गया है। विशेषज्ञों ने खुलासा किया कि PM2.5 जैसे छोटे प्रदूषक सभी उम्र के लोगों की सेहत को प्रभावित कर रहे हैं। ये प्रदूषक फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिसके कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
गौरतलब है कि वायु प्रदूषण के कारण मस्तिष्क, फेफड़ों सहित शरीर के कई अंगों को गंभीर क्षति होने का खतरा हो सकता है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण गंभीर चिंता का विषय रहा है।