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सावधान: शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है स्ट्रोक का खतरा, जानिए इसके और क्या दुष्प्रभाव हैं?

Sun, 02 Apr 2023 07:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डिहाइड्रेशन के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होना एक गंभीर स्थिति है, जिसके कारण अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के असर हो सकते हैं। विशेषतौर पर गर्मी दिनों में डिहाइड्रेशन की समस्या अधिक देखी जाती है, क्योंकि हमारे शरीर से अधिक पसीना निकल जाता है और इस अनुपात में हम पानी नहीं पीते हैं। यही कारण है कि सभी लोगों को रोजाना कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पीने की सलाह दी जाती है।

हार्वर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) की गंभीर स्थिति आपमें स्ट्रोक के खतरे को भी बढ़ा देती है। लोमा लिंडा यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक, रोजाना कम से कम पांच गिलास पानी पीने से स्ट्रोक का खतरा 53 फीसदी तक कम हो जाता है। यह स्ट्रोक की स्थिति में रोगी के लक्षणों में भी सुधार कर सकता है।

आइए जानते हैं कि कम पानी पीना किस तरह से स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देता है और इससे और किस प्रकार की समस्याओं का खतरा हो सकता है?
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ब्रेन स्ट्रोक का खतरा और बचाव - फोटो : istock
डिहाइड्रेशन और स्ट्रोक का जोखिम

जॉन्स हॉपकिन्स अस्पताल के विशेषज्ञों ने एक रिपोर्ट में बताया कि स्ट्रोक के रोगियों में अगर पानी की कमी हो जाती है, तो उनमें गंभीर स्वास्थ्य जोखिम होने का खतरा चार गुना तक बढ़ जाता है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि डिहाइड्रेशन रक्त वाहिकाओं में एंडोथेलियल कार्यों में बाधा डाल सकती है, जिसके कारण रक्त का प्रवाह भी बाधित हो जाता है, इससे स्ट्रोक और हृदय रोगों का खतरा हो सकता है।

अध्ययन के परिणामों के आधार पर सुझाव दिया गया कि सभी लोग अगर सामान्य हाइड्रेशन को बनाए रखते हैं तो यह हृदय रोग के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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हाइपोवॉलेमिक शॉक की स्थिति - फोटो : iStock
लो ब्लड वॉल्यूम शॉक (हाइपोवॉलेमिक शॉक)

निर्जलीकरण के कारण हाइपोवॉलेमिक शॉक की समस्या काफी अधिक देखी जाती है, जो गंभीर और कभी-कभी जानलेवा भी हो सकता है। शरीर में पानी की कमी के कारण रक्तचाप में गिरावट के साथ शरीर में ऑक्सीजन की भी कमी होने लगती है, जिसके कारण इस तरह की दिक्कतों का खतरा रहता है। बहुत गर्म स्थानों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।

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गर्मियों में हीट स्ट्रोक - फोटो : Pixabay
हीट स्ट्रोक

गर्मी के दिनों में हीट स्ट्रोक होना बहुत कॉमन है जिसका प्रमुख कारण डिहाइड्रेशन माना जाता है। जोरदार व्यायाम करने और अत्यधिक पसीना आने पर शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इसके अनुपात में अगर आप पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ नहीं पीते हैं, तो हीट स्ट्रोक हो सकता है। इसमें उल्टी, लो ब्लड प्रेशर जैसी दिक्कतों का खतरा  भी रहता है, कुछ स्थितियां जानलेवा तक भी हो सकती हैं। 
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किडनी को प्रभावित करने वाली समस्याएं - फोटो : istock
किडनी की समस्याएं

लंबे समय तक या बार-बार डिहाइड्रेशन होने के कारण मूत्र पथ के संक्रमण, किडनी की पथरी और यहां तक कि किडनी फेलियर भी हो सकती है। शरीर में पानी की कमी होने का सबसे अधिक दुष्प्रभाव किडनी पर होता है, इसको स्वस्थ रखने के लिए अधिक मात्रा में पानी-तरल पदार्थों का सेवन करें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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