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Health Alert: रोज खाते हैं डीप फ्राइड चीजें? 6 प्वाइंट्स में जान लीजिए क्या होता है इसका सेहत पर असर

Sat, 13 Jun 2026 09:00 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अत्यधिक तला-भुना भोजन न केवल वजन बढ़ाता है बल्कि ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन तंत्र पर भी असर डाल सकता है। कहीं आप भी तो ये गलती नहीं कर रहे हैं?
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डीप फ्राई चीजों के नुकसान - फोटो : Amarujala.com/AI
फ्रेंच फ्राइज, पकौड़े हों या तेल से निकले गरमा-गरम समोसे, ये किसे पसंद नहीं होंगे? पर आपकी ये पसंद कहीं सेहत के लिए मुश्किलें न बढ़ा दे?

तली हुई चीजें स्वाद में भले ही लाजवाब लगती हों, लेकिन इनका अत्यधिक सेवन शरीर के लिए कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि इनमें आमतौर पर कैलोरी, सेचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है इसलिए इनका अक्सर सेवन आपको गंभीर रूप से बीमार करने वाला हो सकता है।

बार-बार इस्तेमाल होने वाले तेल में कई हानिकारक यौगिक बनने लगते हैं जो शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ा सकते हैं। इससे कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कभी-कभार सीमित मात्रा में तली हुई चीजें खाना सामान्य बात है, लेकिन इन्हें नियमित भोजन का हिस्सा बनाना नुकसानदायक हो सकता है। 
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डीप फ्राइड फूड्स के खतरे - फोटो : Freepik.com
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अत्यधिक तला-भुना भोजन न केवल वजन बढ़ाता है बल्कि ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन तंत्र पर भी असर डाल सकता है। लंबे समय तक ऐसी खान-पान की आदतें मोटापा, हृदय रोग और मेटाबोलिक समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इसलिए संतुलित आहार, घर का ताजा भोजन और कम तेल वाले विकल्प अपनाना बेहतर माना जाता है।

1. घेर लेगा मोटापा

तली हुई चीजों में कैलोरी बहुत अधिक होती है। तेल में तलने की प्रक्रिया के दौरान उनकी कैलोरी बढ़ जाती है।
 
  • यदि नियमित रूप से फ्रेंच फ्राइज, पकौड़े या अन्य तले खाद्य पदार्थ खाए जाएं तो शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होकर मोटापे का कारण बन सकती है। 
  • मोटापा आगे चलकर कई अन्य बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है।
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हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : Adobe Stock Images
2. हृदय रोगों का हो जाएंगे शिकार
 
  • तली हुई चीजों में मौजूद संतृप्त वसा और ट्रांस फैट बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं। इससे धमनियों में फैट जमा होने लगती है और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
  •  नियमित रूप से अधिक मात्रा में तला हुआ भोजन खाने वालों में हृदय संबंधी समस्याओं की आशंका अधिक देखी गई है।

3. हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम

कई तले हुए स्नैक्स में नमक की मात्रा भी अधिक होती है। अधिक सोडियम का सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है। 
  • लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय, किडनी और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • हाई बीपी के मरीजों को तली हुई चीजों का सेवन सीमित करने की सलाह दी जाती है।

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डायबिटीज की समस्या - फोटो : Adobe Stock
4. डायबिटीज का भी खतरा

अगर आपको लगता है कि सिर्फ मीठा खाने से शुगर लेवल बढ़ता है तो सावधान हो जाइए।
 
  • कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि बार-बार तली हुई चीजें खाने से भी टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम हो सकता है। 
  • तली हुई चीजें वजन बढ़ाती हैं और इंसुलिन संवेदनशीलता को भी प्रभावित कर सकती हैं। इससे ब्लड शुगर हाई हो सकता है।


5. पाचन संबंधी समस्याएं

तैलीय और भारी भोजन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालता है। अधिक तला हुआ भोजन खाने से अपच, गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से पाचन संबंधी परेशानी है, उनके लक्षण और बढ़ सकते हैं।
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बैड कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत - फोटो : adobe stock
6. कोलेस्ट्रॉल बिगाड़ देगा सेहत

तले हुए खाद्य पदार्थ गुड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकते हैं। यह स्थिति रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ाती है। संतुलित आहार से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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