देशभर के ज्यादातर राज्यों में जारी भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज गर्मी और लू की समस्या जानलेवा दुष्प्रभावों का कारण बन रही है। हीट स्ट्रोक और गर्मी के कारण होने वाले दुष्प्रभावों के अब तक हजारों लोग शिकार हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इस साल एक मार्च से 18 जून के बीच भीषण गर्मी के कारण कम से कम 110 लोगों की मौत हुई है और 41,789 से ज्यादा लोगों को हीटस्ट्रोक का संदेह है।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और सहयोगी संस्थानों द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश इस बार गर्मी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा है, जहां 36 मौतें हुई हैं। उसके बाद बिहार, राजस्थान और ओडिशा में गर्मी के सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव देखे गए हैं। अकेले 18 जून को हीटस्ट्रोक के कारण छह मौतें हुई हैं।