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बेहद खतरनाक है ये यौन संंबंधी बीमारी, पुरुषों को समझ भी नहीं आते लक्षण, इलाज भी है बहुत मुश्किल

Fri, 06 Dec 2019 06:31 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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- फोटो : pixabay
एमजी वो संक्रामक यौन बीमारी है, जिस पर अगर ध्यान न दिया गया तो यह अगला सुपरबग साबित हो सकती है। दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ ये चेतावनी दे रहे हैं। आम तौर पर माइकोप्लाज्मा जेनिटेलियम (एमजी) के कोई शुरुआती लक्षण नहीं होते, लेकिन इससे महिलाओं और पुरुषों, दोनों के जननांगों में संक्रमण हो सकता है। ये इतना खतरनाक है कि इससे औरतों में बांझपन भी हो सकता है। एमजी के शुरुआती लक्षण आसानी से समझ में नहीं आते इसलिए इसका इलाज भी मुश्किल है और अगर इलाज ठीक से न हो तो इस पर एंटीबायोटिक्स भी बेअसर हो सकता है। 'ब्रिटिश असोसिएशन ऑफ सेक्शुअल हेल्थ ऐंड एचआईवी' ने हालात की गंभीरता को देखते हुए बीमारी के बारे में नई सलाहें जारी की हैं।
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- फोटो : pixabay
एमजी क्या है?
माइकोप्लाज्मा जेनिटेलियम एक जीवाणु है जिससे पुरुषों को पेशाब के रास्ते में सूजन हो सकती है। इससे जननांग से स्राव होता है और पेशाब करने में तकलीफ होती है। औरतों के जननांगों (गर्भाशय और फ़ैलोपियन ट्यूब) में एमजी की वजह से सूजन हो सकती है। इसका नतीजा दर्द, रक्तस्राव और बुखार के रूप में देखने को मिल सकता है। असुरक्षित यौन संबंध एमजी का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है। कंडोम इस संक्रमण को रोकने में कारगर साबित हो सकते हैं। इसका पहली बार पता 1980 के दशक में ब्रिटेन में चला और माना गया कि एक से दो फ़ीसदी आबादी इससे प्रभावित रही।
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- फोटो : pixa
एमजी के लक्षण हमेशा पता नहीं चल पाते और हमेशा इसके इलाज की जरूरत भी नहीं पड़ती, लेकिन ये नजरअंदाज हो सकता है या फिर इससे क्लमेडिया जैसी दूसरी यौन संक्रमण वाली बीमारी होने का भ्रम भी हो सकता है।

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- फोटो : Pixabay
इलाज
एमजी की जांच के लिए हाल में कुछ टेस्ट किए गए हैं, लेकिन ये सभी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं। इसका इलाज दवाइयों और एंटीबायोटिक्स से मुमकिन है, लेकिन कई मामलों में बीमारी पर दवाइयों का असर नहीं होता।
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- फोटो : pixabay
कंडोम से बेहतर रोकथाम
एमजी के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक्स 'मैक्रोलिड्स' का असर दुनिया भर में कम हुआ है। ब्रिटेन में लोगों पर इसके असर में तकरीबन 40% कमी आई है। राहत की बात ये है कि दूसरी एंटीबायोटिक 'एज़िथ्रोमाइसिन' अब भी ज्यादातर मामलों में कारगर है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ब्रिस्टल में डॉक्टर पीटर ग्रीनहाउस का का कहना है कि लोगों में एमजी को लेकर जितनी जागरूकता होगी, इसकी रोकथाम में उतनी ज़्यादा मदद मिलेगी। उन्होंने लोगों से कंडोम इस्तेमाल करने और सुरक्षित यौन संबंध बनाने की सलाह दी है। पैडी हॉर्नर एमजी की रोकथाम के लिए नए दिशा-निर्देश लिखने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञों में से एक हैं।

उन्होंने कहा, "नए दिशा-निर्देश इसलिए जारी किए गए हैं क्योंकि 15 साल पुराने ढर्रे पर नहीं चल सकता। अगर हम पुराना तरीका अपनाते रहे तो इसमें कोई शक़ नहीं है कि सुपरबग जैसी बड़ी समस्या हमारे सामने होगी जो 'हेल्थ इमरजेंसी' से कम नहीं होगी।"
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