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Heart Health: जान लीजिए दिल की सेहत का सीक्रेट, ये एक आदत 40% तक कम कर सकती है हार्ट अटैक का खतरा

Thu, 08 Jan 2026 07:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अच्छी सेहत चाहते हैं तो दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलवा भी बड़े काम के हो सकते हैं। 
  • कई अध्ययनों में यह बात सामने आ चुकी है कि नियमित रूप से टहलने वाले लोगों में हार्ट अटैक का खतरा करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
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हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Freepik.com
Heart Attack Prevention: दुनियाभर में जो बीमारियां इन दिनों सबसे बड़ी चिंता का कारण हैं और जिनके कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर हर साल अतिरिक्त दबाव बढ़ता जा रहा है, हृदय रोग उनमें शीर्ष पर हैं। हृदय रोग, मौत का भी प्रमुख कारण हैं। हाल के वर्षों में युवाओं और बच्चों में भी इस बीमारी का खतरा तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने तो इस जानलेवा रोग का जोखिम बढ़ाया ही है साथ ही मौसम और पर्यावरणीय स्थितियों के कारण भी हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं, इन सभी जोखिम कारकों को समझते हुए सभी लोगों को अपने दिल की सेहत में सुधार के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए।

अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित रूप से हल्के स्तर के अभ्यास की आदत भी हृदय रोग की जटिलताओं को कम करने में आपके लिए सहायक हो सकती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर आप सिर्फ वॉक करने की ही आदत बना लें तो भी हृदय को काफी हद तक स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। दिनभर में यदि 9000 कदम चलने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाए तो इससे हार्ट-अटैक का खतरा 30-40 फीसदी तक कम हो सकता है।
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हार्ट अटैक से बचाव के लिए वॉक करने की बनाएं आदत - फोटो : adobe stock photos

रोजाना खूब चलें, दिल रहेगा स्वस्थ

 
जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि रोजाना 6,000 से 9,000 कदम चलने वाले वयस्कों में दिल का दौरा या स्ट्रोक होने की आशंका 40-50 फीसदी तक कम होती है। आठ अध्ययनों के विश्लेषण में वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि अगर सिर्फ चलने की ही आदत को दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए तो यह हृदय रोगों के कारण मौत के खतरे को काफी हद तक कम करने में सहायक हो सकती है।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता काफी खतरनाक है, यह हृदय स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्याकारक हो सकती है। नियमित वॉक की आदत जरूर बनाएं।
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अच्छी सेहत के लिए वॉक करना जरूरी - फोटो : Freepik.com
वॉकिंग स्टेप्स बढ़ाइए, दिल को मजबूत बनाइए

18 साल से अधिक आयु के  20,152 प्रतिभागियों पर यह अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि 60 वर्ष और उससे अधिक आयु अपने वॉकिंग स्टेप्स बढ़ाकर हृदय रोग (सीवीडी) का जोखिम  कम कर सकते हैं। हालांकि इस अध्ययन में युवाओं में वॉक और सीवीडी के कम जोखिम के बीच  संबंध के बारे में स्पष्ट नहीं है।

शोधकर्ता कहते हैं, सीवीडी आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी है। उच्च रक्तचाप, मोटापा और मधुमेह जैसे जोखिम कारक इसके खतरे को और भी बढ़ा सकते हैं। ऐसे में अगर आप वॉक जैसे अभ्यास करते हैं तो हार्ट अटैक के खतरे से बच सकते हैं।

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तेज गति से चलने की बनाएं आदत - फोटो : freepik.com
वॉक करना सेहत को ठीक रखने का कारगर फॉर्मूला

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन सभी लोगों को दिन में 10,000 कदम चलने की सलाह देता है, इसे हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है।

वॉक करने और हृदय स्वास्थ्य को लेकर पहले के अध्ययनों में भी बताया जाता रहा है। मार्च 2022 में द लैंसेट में प्रकाशित में बताया गया कि दिनचर्या में वॉक को शामिल करके कई प्रकार की बीमारियों के कारण समय से पहले मृत्यु के खतरे को कम किया जा सकता है।

इसी तरह जामा इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन तेज गति से चलने की आदत आपकी सेहत के लिए बहुत लाभकारी हो सकती है। 
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सभी उम्र के लोगों के लिए जरूरी है वॉक - फोटो : Freepik.com
वॉक करने के इन फायदों के बारे में भी जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वॉक करना सिर्फ हृदय स्वास्थ्य ही नहीं पूरे शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में इसे जरूर शामिल करना चाहिए।
  • वॉक करना वजन को स्वस्थ बनाए रखने और शरीर से फैट को कम करने में लाभकारी है।
  • वॉक करना हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, कैंसर और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकता है।
  • हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करें।
  • ऊर्जा का स्तर को बढ़ाने में सहायक है।
  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, इससे तनाव-चिंता का जोखिम भी कम होता है।



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स्रोत
Prospective Association of Daily Steps With Cardiovascular Disease: A Harmonized Meta-Analysis


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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