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Constipation Relief: कब्ज की समस्या को बढ़ा देती हैं दिनचर्या की ये चार आदतें, सुधार लिए तो दूर होगी परेशानी

Sat, 29 Nov 2025 06:00 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Constipation Habits: कब्ज एक बेहद आम समस्या है जिससे अक्सर कुछ लोग परेशान रहते हैं। ऐसा होने के पीछे एक बड़ा कारण है खराब खानपान है, लेकिन इसके साथ हमारी दिनचर्या की भी कुछ गलतियां होती हैं। आइए इस लेख में इन्हीं गलतियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कब्ज की समस्या - फोटो : Freepik.com
Improve Bowel Movement: कब्ज एक ऐसी समस्या है जिससे लगभग सभी लोग जीवन में कभी न कभी जरूर दो-चार होते हैं। यह एक आम समस्या है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। 

दरअसल, यह तब होता है जब मल त्याग की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, मल कठोर हो जाता है, और व्यक्ति को हफ्ते में चार बार से कम शौच होता है। जहां आहार में फाइबर की कमी इसका एक प्रमुख कारण है, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि हमारी रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें भी इस समस्या को गंभीर रूप से बढ़ा सकती हैं। 

कब्ज के कारण पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी और यहां तक कि पाइल्स जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं। यह स्थिति इसलिए गंभीर है क्योंकि यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य, एनर्जी लेवल और मानसिक स्पष्टता को प्रभावित करती है। इन गलत आदतों को समय पर पहचानना और उन्हें सुधारना बहुत जरूरी है। इन आदतों को बदलना न केवल कब्ज को दूर करेगा, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को स्वाभाविक रूप से स्वस्थ और सक्रिय बनाएगा।
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डिहाइड्रेशन - फोटो : Freepik.com
पानी कम पीना और डिहाइड्रेशन
कब्ज का सबसे बड़ा और सीधा कारण है शरीर में पानी की कमी होना है। जब आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं (विशेषकर सर्दियों में), तो शरीर आंतों से पानी खींचना शुरू कर देता है। इससे मल कठोर और सूखा हो जाता है, जिसे आंतों के लिए आगे बढ़ाना मुश्किल हो जाता है।  इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पीना जरूर पीएं, इससे मल नरम और चिकना रहता है जिससे आसानी से पेट साफ हो जाता है।

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पेट की समस्या - फोटो : Adobe stock
शारीरिक निष्क्रियता और गतिहीन जीवनशैली
शारीरिक गतिविधि की कमी या गतिहीन जीवनशैली कब्ज को बढ़ाने वाली दूसरी प्रमुख आदत है। जब आप पूरे दिन बैठे रहते हैं, तो आंतों की मांसपेशियां भी निष्क्रिय हो जाती हैं। शारीरिक हलचल आंतों की नेचुरल गति को उत्तेजित करती है। इसलिए रोजाना 30 मिनट की वॉक या हल्का व्यायाम करने से आंतों को भोजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाता है।

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शौच की इच्छा को रोकना - फोटो : Freepik.com
शौच की इच्छा को रोकना
काम में व्यस्तता या सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग से बचने के लिए शौच की इच्छा को बार-बार टालना एक बहुत ही हानिकारक आदत है। जब आप मल त्याग को रोकते हैं, तो बड़ी आंत मल से पानी को अवशोषित करती रहती है, जिससे मल और अधिक कठोर हो जाता है। यह आदत आंतों की प्राकृतिक प्रतिक्रिया को कमजोर कर देती है, जिससे क्रॉनिक कब्ज की समस्या हो जाती है।
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दवाएं - फोटो : Freepik.com
अत्यधिक कैफीन और पेनकिलर दवाओं का सेवन
चाय/कॉफी (कैफीन) और पेनकिलर जैसे दवाओं का अत्यधिक और अनियमित सेवन कब्ज को बढ़ाता है। कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट करता है, जिससे मल कठोर होता है। वहीं कुछ दर्द निवारक दवाएं, विशेष रूप से ओपिओइड्स, आंतों की गति को धीमा कर देती हैं। इन आदतों को नियंत्रित करना कब्ज से बचने के लिए बहुत जरूरी है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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