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सेहत की बात: कब्ज के कारण घंटों बीत जाता है टॉयलेट में? जानिए क्या हो सकती है वजह और कैसे पाएं आराम

Sun, 27 Sep 2026 12:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुबह पेट साफ न होने की समस्या लो फाइबर, पानी कम पीने, शारीरिक गतिविधि की कमी जैसी आदतों से जुड़ी हो सकती है। नियमित गतिविधि, पर्याप्त मात्रा में तरल और फाइबर वाली चीजें खाना मदद कर सकता है। 
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कब्ज की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आप भी कब्ज की समस्या से परेशान रहते हैं? शौच के लिए लंबे समय तक टॉयलेट में बैठे रहना पड़ता है, ऐसे में एक-दो बार टॉयलेट जाने पर दिनभर में घंटों आपके इसी समस्या में निकल जाते है?

सुबह उठने के बाद पेट साफ न होना कई लोगों के लिए रोज की परेशानी बन जाता है। कुछ लोग इसे सामान्य मानकर छोड़ देते हैं, तो कुछ तुरंत कोई दवा या घरेलू नुस्खा शुरू कर देते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि कब्ज की समस्या अक्सर रोज की दिनचर्या और खान-पान से भी जुड़ी होती है। आहार में फाइबर वाली चीजों की कमी, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना, शारीरिक गतिविधि कम होना इसके सामान्य कारणों में से एक है।

कब्ज का मतलब केवल रोज शौच न होना नहीं है। मल बहुत कठोर होना, शौच करते समय ज्यादा जोर लगाना या ऐसा महसूस होना कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ, ये भी कब्ज के संकेत हो सकते हैं।
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आहार में जरूरी है फाइबर - फोटो : Adobe Stock
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीवनशैली में कुछ बदलाव आपको इस तरह की दिक्कतों से राहत दे सकते हैं। लेकिन अगर कब्ज लगातार बना रहे, मल में खून आए, बिना वजह वजन घट रहा हो या पेट में तेज दर्द रहता हो तो इसे सामान्य समस्या मानकर नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूरी है। आइए जानते हैं कि सामान्य स्थितियों में कब्ज में कैसे आराम पाया जा सकता है?

फाइबर और पानी की मात्रा का रखें ध्यान

फाइबर मल को नरम रखने और आंतों की गति को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। अगर खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और दूसरे फाइबर वाले खाद्य पदार्थ कम हैं तो कब्ज की समस्या हो सकती है। वयस्कों के लिए रोज लगभग 22 से 34 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। लेकिन फाइबर बढ़ाते समय पानी और दूसरे तरल पदार्थ पर्याप्त लेना भी जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर मल सख्त हो सकता है ।
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पाचन-कब्ज की समस्याओं का खतरा - फोटो : adobe stock images
कहीं आपकी शारीरिक गतिविधियां तो नहीं हैं कम?

जब शौच की इच्छा हो तो उसे बार-बार रोकना कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है। लगातार ऐसा करने से सामान्य मल त्याग की आदत प्रभावित हो सकती है। इसी तरह पूरे दिन बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि बहुत कम होना भी कब्ज की दिक्कतों को बढ़ाने वाला हो सकता है। 
 
  • नियमित शारीरिक गतिविधि आंतों की गति में मदद कर सकती है। रोज टहलना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना फायदेमंद हो सकता है।
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पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com
इन बातों का भी रखें ख्याल

अगर कब्ज दिनचर्या की गड़बड़ी के कारण है तो खान-पान, पानी और गतिविधि में बदलाव से सुधार हो सकता है। लेकिन लंबे समय से कब्ज की दिक्कत है तो इसके पीछे कुछ दवाएं, थायरॉयड, डायबिटीज, आंतों की समस्या या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी एक वजह हो सकती हैं। इसका समय पर जांच और इलाज कराना जरूरी है। 
 
  • अगर मल में खून आने, बिना कोशिश के वजन कम होने, लगातार पेट दर्द, उल्टी या गैस जैसी दिक्कतें बनी रहती हैं तो डॉक्टर इसके कारणों को समझना जरूरी है। कई बार पेट की गंभीर बीमारियों में भी कब्ज की समस्या हो सकती है, जिसका समय पर इलाज न हो पाए तो इससे सेहत के लिए दिक्कतें बढ़ सकती हैं। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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