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Coronavirus: 20 देश कर चुके हैं रूस की कोरोना वैक्सीन की मांग, भारत में भी हो सकता है उत्पादन

Wed, 12 Aug 2020 01:11 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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First Coronavirus Vaccine - फोटो : Twitter@RusEmbUSA
कोरोना मरीजों के लिए दुनिया की पहली वैक्सीन रूस ने तैयार कर ली है। इस वैक्सीन को रूसी सैटेलाइट 'स्पूतनिक-वी' का नाम दिया गया है। 12 अगस्त को पंजीकरण कराने के दावे से एक दिन पहले ही इस वैक्सीन को स्वीकृति देकर रूस ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। इस वैक्सीन की दुनियाभर में भारी मांग हो रही है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को का कहना है कि दुनिया के 20 देशों ने वैक्सीन के लिए प्री-ऑर्डर कर दिया है। उनका कहना है कि 20 देशों ने वैक्सीन की करोड़ों डोज खरीदने में रुचि दिखाई है। साल के अंत तक 20 करोड़ डोज उत्पादन का लक्ष्य है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
  • समाचार एजेंसी तास (TASS) की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी मात्रा में वैक्सीन बनाने और विदेशों में प्रमोट करने के लिए रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) निवेश कर रहा है। वैक्सीन से संबंधित वेबसाइट ने दावा किया है कि भारत के अलावा सऊदी अरब, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्राजील, मैक्सिको आदि देशों ने 'स्पूतनिक-वी' वैक्सीन खरीदने की इच्छा जताई है। 
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Coronavirus Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • खबरों के मुताबिक, साल 2020 के अंत तक कोरोना वैक्सीन 20 करोड़ डोज के उत्पादन की योजना है, जिनमें से तीन करोड़ डोज रूस खुद के लिए रखेगा। कहा जा रहा है कि सितंबर में वैक्सीन का बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू हो जाएगा। बताया जा रहा है कि आरडीआईएफ वैक्सीन में मजबूत वैश्विक रूचि देख रहा है। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
भारत समेत कई देशों में हो सकता है ट्रायल
  • रूस की वैक्सीन का ट्रायल अन्य देशों में भी कराया जा सकता है। खबरों के मुताबिक, सऊदी अरब, ब्राजील, भारत, फिलीपींस आदि देशों में वैक्सीन के फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल करने की योजना है। 
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Coronavirus Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
भारत में भी होगा वैक्सीन का उत्पादन!
  • वेबसाइट के अनुसार, बड़े पैमाने पर वैक्सीन का उत्पादन भारत में भी हो सकता है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया और ब्राजील के साथ-साथ सऊदी अरब, तुर्की और क्यूबा सहित अन्य देशों में भी स्थानीय संप्रभु धन निधियों के साथ शुरू किया जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
  • मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की थी कि उनके देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया की पहली वैक्सीन बना ली है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन, कोविड-19 से निपटने में बहुत प्रभावी ढंग से काम करती है और एक स्थाई रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करती है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
पुतिन की बेटी को भी लगाई गई वैक्सीन
  • रूस की कोरोना वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी' राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेटी को भी लगाई गई है। इस बारे में पुतिन ने कहा कि पहले टीके के बाद उनकी बेटी के शरीर का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था, अगले दिन यह 37 डिग्री सेल्सियस से थोड़ा अधिक रहा। दूसरे टीके के बाद उसका तापमान कुछ बढ़ा और फिर सबकुछ ठीक हो गया। वह अच्छा महसूस कर रही है और उसके शरीर में एंटीबॉडी का स्तर अधिक है।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
  • रूसी वैक्सीन पर डब्ल्यूएचओ के अलावा, ब्रिटेन और अमेरिका ने भी संदेह जताया है। रूस की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार ने कहा है कि कोरोना का पहला टीका बनाना महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कोरोना वायरस के खिलाफ एक प्रभावी और सुरक्षित टीका बनाना। 
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कोरोना वायरस- सांकेतिक - फोटो : social media
  • ताइवान दौरे पर पहुंचे अजार से एबीसी ने मंगलवार को जब ये पूछा कि रूस कोरोना वायरस के टीके का पंजीकरण करने वाला पहला देश बन गया है, इसपर वे क्या सोचते हैं, तो अजार ने कहा, 'विषय पहले टीका बनाने का नहीं है। विषय ऐसा टीका बनाने का है जो अमेरिकी लोगों और दुनियाभर के लोगों के लिए सुरक्षित और प्रभावी हो।' बहरहाल रूस की इस वैक्सीन पर दुनियाभर की नजर है।
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